सुप्रीम कोर्ट ने 5 जनवरी 2026 को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और EPFO को निर्देश दिया कि EPF की वेतन सीमा ₹15,000 को संशोधित करने पर चार महीने में फैसला लें. ये सीमा 2014 से नहीं बदली, जिससे लाखों कर्मचारी पीएफ और पेंशन लाभ से बाहर हो गए हैं. कोर्ट ने याचिकाकर्ता को दो सप्ताह में सरकार के समक्ष प्रतिवेदन देने को कहा. महंगाई और न्यूनतम वेतन बढ़ने के बावजूद सीमा स्थिर रहने को मनमाना बताया गया. 2022 में EPFO सब-कमिटी ने भी सीमा बढ़ाने की सिफारिश की थी. यदि सीमा बढ़ी, तो अधिक कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा मिलेगी. ये लाखों वेतनभोगियों के लिए राहत की उम्मीद है. पूरे मामले को समझा रही हैं सुप्रीम कोर्ट की वकील नेहा राठी. सीनियर एडिटर आशीष कुमार भार्गव की रिपोर्ट