देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में कोरोना के 25 हजार से ज्यादा एक्टिव मामले हैं. हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं. सरकारी और निजी अस्पतालों में बिस्तर नहीं हैं. इस वजह से नए कोविड सेंटर बनाए जा रहे हैं, जहां हजारों मरीजों के लिए बेड का दावा है लेकिन सवाल यह है कि इन बिस्तर का आखिर क्या काम अगर स्वास्थ्यकर्मी ही न हों.