"आप जान ही रहे हैं कि आप एकदम निठल्ले हैं. कुछ नहीं करते हैं, यही जान रहे हैं आपके बारे में. आपके कुकर्म के चलते हम पर कैसे कोई ब्लैम लगा सकते हैं. आप से ज्यादा पाक हैं, जान लीजिए साहब. अपनी वर्दी पर कभी दाग लगने नहीं दिया, आगे भी नहीं लगने देंगे."
ये सिंघम की दहाड़ थी जिसकी गूंज सुन कर सभी सुन्न पड़ गए थे. एक विधायक के तौर ओर आनंद मिश्रा की बक्सर सदर हॉस्पिटल की खस्ता हालत पर ललकार थी. अपनी बेदाग छवि के लिए मशहूर बक्सर सदर विधायक और पूर्व आई पीएस आनंद मिश्रा का वायरल वीडियो लोगो को खूब पसंद आ रहा है. दरअसल सदर अस्पताल से जुड़े एक मामले में उन पर ढाई लाख रुपये रिश्वत लेकर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया गया है, जो उनकी छवि को धूमिल करने की साजिश है. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, 'आज तक न तो मेरी वर्दी पर दाग लगा है और न ही जो पोशाक आज पहनी है, आगे भी उस पर दाग नहीं लगने दूंगा.
क्या हुआ था बक्सर सदर हॉस्पिटल में
बीजेपी विधायक आनंद मिश्रा ने आपा खोते हुए बक्सर सिविल सर्जन को बुरी तरह फटकार लगाई. निरीक्षण के दौरान सदर विधायक ने सिविल सर्जन शिवकुमार प्रसाद चक्रवर्ती को कड़े शब्दों में 'निठल्ला' कह डाला और सीधे तौर पर आरोप लगाया कि उनके कथित कुकृत्यों की वजह से उन पर गंभीर लांछन लगाए जा रहे हैं.
सिविल सर्जन हुवे आक्रोश का शिकार
रविवार को बक्सर सदर विधायक आनंद मिश्रा निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन हॉस्पिटल पहुचे. जहां पर बक्सर सिविल सर्जन से पर हॉस्पिटल के निरीक्षण के दौरान बिद्यायक का गुस्सा भड़क उठा . गौर करने वाली बात ये रही कि यह पूरी घटनाक्रम जिलाधिकारी कुमारी साहिला की मौजूदगी में हुआ. विधायक के तीखे और पुलिसिया अंदाज ने न सिर्फ अस्पताल प्रशासन को सकते आ गया, जबकि बक्सर जिलाधिकारी और जिला प्रशासन के सभी अधिकारी भी उस दौरान चुपचाप खड़े होकर ये बाते सुन रहे थे.
विधायक की सख्ती से पसरा था सन्नाटा
विधायक के इस तीखे प्रहार के दौरान वीडियो में जिलाधिकारी साहिला, अपर समाहर्ता समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी पूरे समय मौन नजर आए. यह दृश्य अब सोशल मीडिया और स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गया है.
कुछ दिन पहले एक महिला की गई थी अस्पताल में जान
दरअसल, इस पूरे मामला बक्सर सदर अस्पताल में एक महिला की मौत से सीधे जुड़ी हुई है. बक्सर के हॉस्पिटल में कुछ दिनों पहले हुई घटना में महिला की मौत बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने बक्सर– चौसा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया था. इसी दौरान एक युवक ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि अस्पताल कर्मियों की कथित चोरी रंगे हाथ पकड़े जाने के बावजूद विधायक ने ढाई लाख रुपये लेकर कार्रवाई नहीं होने दी. यह आरोप मीडिया में प्रकाशित हुआ, जिसके बाद राजनीति गलियारे में माहौल गर्म हो गया था.