अमेरिका और इजरायल पिछले 11 दिनों से ईरान के खिलाफ भीषण युद्ध लड़ रहे हैं। इस महायुद्ध को खत्म करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप अब ईरान के सबसे अहम खार्ग आइलैंड पर कब्जा करने के एक बड़े और सीक्रेट मिलिट्री ऑपरेशन की तैयारी कर रहे हैं। अयातुल्लाह अली खामेनेई के मारे जाने के बाद भी जब ईरान नहीं झुका, तो अमेरिका ने ईरान की इकोनॉमी की रीढ़ माने जाने वाले इस द्वीप को निशाना बनाने का फैसला किया है। यहां से ईरान का 90 फीसदी कच्चा तेल निर्यात होता है। अगर अमेरिका इस पर कब्जा कर लेता है, तो ईरान में भारी आर्थिक संकट पैदा हो जाएगा और उसे सरेंडर करना पड़ सकता है। हालांकि, इस कदम से दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें बेकाबू हो सकती हैं और हताश ईरान परमाणु बम का इस्तेमाल भी कर सकता है।