आज जब लोगों के पास टीवी शोज देखने के लिए ढेरों ऑप्शन हैं, तब उस दौर को याद करना काफी दिलचस्प है, जब घर में टीवी होना ही बड़ी बात माना जाता था. उस समय दूरदर्शन पर आने वाले कुछ सीरियल्स का लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता था. साल 1987 में आया ‘कच्ची धूप' भी ऐसा ही एक शो था, जिसने अपनी सीधी-सादी कहानी और प्यारे किरदारों से लोगों का दिल जीत लिया था. खास बात ये है कि इस शो से जुड़े कुछ कलाकार आगे चलकर बॉलीवुड में भी खूब नाम कमाने लगे.
1987 में दूरदर्शन पर शुरू हुआ था शो
‘कच्ची धूप' की कहानी आम परिवार और बच्चों की जिंदगी से जुड़ी थी. शो में बच्चों की छोटी-छोटी खुशियां, उनकी परेशानियां, सपने, दोस्ती और परिवार के रिश्तों को बहुत सहज अंदाज में दिखाया गया था. उस समय न OTT था, न मोबाइल और न ही एक साथ कई चैनलों पर अपनी पसंद का शो देखने की सुविधा. ऐसे में परिवार के लोग एक साथ बैठकर दूरदर्शन देखा करते थे. यही वजह थी कि इस तरह के सीरियल्स लोगों की रोज की जिंदगी का हिस्सा बन जाते थे.
भाग्यश्री ने यहीं से शुरू किया था एक्टिंग का सफर
‘कच्ची धूप' की सबसे खास बातों में से एक थी इसमें भाग्यश्री का नजर आना. उस समय वो एक्टिंग की दुनिया में नई थीं और उन्हें ज्यादा अनुभव भी नहीं था. शो की शूटिंग शुरू होने से कुछ समय पहले ही उनका रोल तय हुआ था. इसके बावजूद उन्होंने ऐसा काम किया कि दर्शकों को उनका किरदार पसंद आ गया. इसके बाद भाग्यश्री की किस्मत ने ऐसी करवट ली कि वो सीधे बॉलीवुड की बड़ी स्टार बन गईं. फिल्म ‘मैंने प्यार किया' ने उन्हें घर-घर में पहचान दिला दी. फिल्म में सलमान खान के साथ उनकी जोड़ी को लोगों ने खूब पसंद किया. आज भी भाग्यश्री के शुरुआती सफर की बात होती है तो ‘कच्ची धूप' का नाम जरूर सामने आता है.
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आशुतोष गोवारिकर भी थे इस शो का हिस्सा
इस सीरियल में आशुतोष गोवारिकर ने निखिल सर का किरदार निभाया था. उस समय वो एक्टिंग में नए थे और सेट पर दूसरे कलाकारों को देखकर काफी कुछ सीखते थे. शो ने उन्हें भी लोगों के बीच पहचान दिलाई. हालांकि बाद में उन्होंने एक्टिंग से आगे बढ़कर निर्देशन की दुनिया में बड़ा नाम बनाया. ‘लगान' और ‘स्वदेस' जैसी फिल्मों ने उन्हें एक शानदार डायरेक्टर के तौर पर पहचान दिलाई.
‘लिटिल वुमन' से जुड़ी थी कहानी
‘कच्ची धूप' की कहानी मशहूर किताब ‘लिटिल वुमन' से प्रेरित थी. शो को चित्ता पालकर और कमलेश पांडे ने लिखा था, जबकि अमोल पालेकर ने इसकी स्क्रिप्ट को आगे बढ़ाया था. इस सीरियल से जुड़े संगीत में भी भाग्यश्री के पिता विजय सिंह पटवर्धन का नाम जुड़ा था.
आज भी याद किया जाता है शो
‘कच्ची धूप' को आज भले ही टीवी पर पहले की तरह नहीं देखा जाता, लेकिन इस शो की यादें आज भी पुराने दर्शकों के बीच बनी हुई हैं. इसकी सबसे बड़ी खासियत यही थी कि कहानी में जरूरत से ज्यादा तामझाम नहीं था. बच्चों की छोटी खुशियां, परिवार के रिश्ते और जिंदगी की सीधी बातें ही शो की जान थीं. यही सादगी इसे उस दौर के यादगार सीरियल्स में शामिल करती है. इसके कुछ एपिसोड आज यूट्यूब पर भी देखे जा सकते हैं.