नोएडा इंजीनियर की मौत पर भड़के एक्टर अभिनव शुक्ला, NDRF को लगाई फटकार

Abhinav Shukla Slams NDRF: ग्रेटर नोएडा में 27 साल के इंजीनियर युवराज मेहता की कार डूबने से हुई मौत पर अभिनव शुक्ला ने प्रशासन और NDRF को आड़े हाथों लिया. जानें एक्टर ने क्यों कहा- 'शर्म करो'.

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Noida Engineer Death Case: युवराज मेहता केस पर भड़का अभिनव शुक्ला का गुस्सा
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नई दिल्ली:

Noida Engineer Death Case: ग्रेटर नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है. 27 साल के इस युवा की जान बचाने में हुई देरी और प्रशासन की कथित लापरवाही पर अब बॉलीवुड एक्टर अभिनव शुक्ला (Abhinav Shukla) का गुस्सा फूटा है. अभिनव ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर NDRF और फायर डिपार्टमेंट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं और इस घटना को 'घिनौना' करार दिया है.

वीडियो शेयर करते हुए अभिनव ने लिखा, "शर्म करो NDRF, शर्म करो फायर डिपार्टमेंट, अधिकारियों पर शर्म है, तुम एक यंग लड़के को नहीं बचा पाए! मुझे हैरानी है कि अगर आप वह बेसिक काम भी नहीं कर सकते जिसके लिए आप टैक्स देने वालों के पैसे से पूरी जिंदगी ट्रेनिंग लेते हैं, तो आपके डिपार्टमेंट मौजूद ही क्यों हैं! उस फ्लिपकार्ट डिलीवरी वाले को सलाम जिसने कोशिश की."

वीडियो में अभिनव ने कहा, "युवराज मेहता के केस में, एक यंग लड़के की कार कंस्ट्रक्शन साइट की दीवार से टकराने के बाद पानी से भरे गड्ढे में गिर गई. दुर्घटना के बाद उसने तुरंत फायर डिपार्टमेंट, पुलिस और NDRF को अलर्ट किया. ये सभी एजेंसियां ​​क्रेन और रस्सियों के साथ मौके पर पहुंचीं लेकिन एक भी प्रोफेशनल बचावकर्मी उसे बचाने के लिए पानी में नहीं उतरा. दो घंटे तक लड़का अपनी डूबी हुई कार के ऊपर खड़ा रहा, मदद के लिए चिल्लाता रहा और जिंदा रहने के लिए संघर्ष करता रहा."

उन्होंने आगे कहा, "यह चौंकाने वाली बात है कि ये डिपार्टमेंट, जिनका एकमात्र मकसद बचाव और सुरक्षा करना है, सिर्फ दर्शक बनकर खड़े रहे... यह एक फ्लिपकार्ट डिलीवरी वाला था जिसने सच्ची बहादुरी दिखाई, खुद को रस्सी से बांधकर लड़के तक पहुंचने के लिए पानी में उतरा. हालांकि ये कोशिश उसे बचा नहीं पाई."

अभिनव ने आगे कहा, “मेरा मानना ​​है कि इसमें शामिल कर्मचारियों को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए. सरकार को इस बात पर फिर से विचार करना चाहिए कि टैक्स देने वालों का पैसा ऐसे डिपार्टमेंट में क्यों लगाया जा रहा है जो बुनियादी बचाव अभियान चलाने में नाकाम रहते हैं. यह शर्मनाक और घिनौना है. अधिकारियों को अपनी भर्ती और ट्रेनिंग प्रोसीजर को देखना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि जिन लोगों को जान बचाने का काम सौंपा गया है, उनमें ऐसा करने का साहस और काबिलियत हो. अगर ये डिपार्टमेंट संकट के समय अपना मकसद पूरा नहीं कर सकते, तो उनके अस्तित्व पर ही सवाल उठना चाहिए. उनका मकसद क्या है?” 

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ग्रेटर नोएडा डूबा था युवराज मेहता

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में एक खाली प्लॉट पर गहरे, पानी से भरे गड्ढे में कार गिरने से शनिवार सुबह एक 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत हो गई. इससे सिविक लैप्स और रेस्क्यू में देरी को लेकर जनता में नाराजगी और आक्रोश है.

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