भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ही नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलियाई रिकी पोंटिंग ने भी युवराज सिंह और सुरेश रैना की जमकर तारीफ की।
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
अहमदाबाद:
भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ही नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलियाई रिकी पोंटिंग ने भी युवराज सिंह और सुरेश रैना की जमकर तारीफ की जिन्होंने दबाव के क्षणों में बेजोड़ पारियां खेलकर भारत को गुरुवार को विश्वकप के सेमीफाइनल में पहुंचाया। भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में 260 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए युवराज और रैना के बीच 74 रन की अटूट साझेदारी से 14 गेंद शेष रहते ही जीत दर्ज कर ली। बाद में धोनी ने जीत का श्रेय इन दोनों को दिया जबकि पोंटिंग ने कहा कि बायें हाथ के इन दोनों बल्लेबाजों ने उनसे मैच छीन दिया। धोनी ने कहा, मुझे पता था कि यह हमारी अंतिम जोड़ी है लेकिन असल में 50 ओवर तक टिके रहना जरूरी था जिसमें युवराज और रैना सफल रहे। तब दबाव था और इस पर कैसे पार पाया जाए यह अहम था। पोंटिंग ने कहा कि युवराज और रैना की साझेदारी उनके लिए घातक साबित हुई। उन्होंने कहा, 260 रन का लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं था लेकिन युवराज और रैना ने वास्तव में बहुत अच्छी बल्लेबाजी की। जब 15 ओवर बचे थे तब दबाव बनाना जरूरी था लेकिन युवराज और रैना ने अच्छी तरह से अपनी टीम को लक्ष्य तक ले गए। धोनी ने इसके साथ ही कहा कि यूसुफ पठान की जगह रैना को उतारने का फैसला भी सही साबित हुआ। उन्होंने कहा, यूसुफ सातवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आता है तो तेजी से रन बनाता है लेकिन रैना तकनीकी तौर पर बेहतर बल्लेबाज है और हम 50 ओवर तक टिके रहना चाहते थे। इसलिए हमने रैना को चुना लेकिन सभी जानते हैं कि यूसुफ बेहद खतरनाक बल्लेबाज है। भारतीय कप्तान से जब पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले सेमीफाइनल मुकाबले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने स्वीकार किया कि टीम पर इसका दबाव रहेगा। उन्होंने कहा, विश्वकप उपमहाद्वीप में हो रहा है और इसमें इससे बेहतर मैच नहीं हो सकता। निश्चित तौर पर इस मैच में दबाव रहेगा लेकिन इससे ज्यादा अंतर पैदा नहीं होगा। हम शुरू से ही एक बार में एक मैच पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और अब हम फाइनल नहीं पाकिस्तान वाले मैच पर ध्यान देंगे। युवराज सिंह ने दो विकेट लेने के अलावा नाबाद 57 रन भी बनाये और उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया। यह इस विश्व कप में चौथा अवसर है जबकि वह मैन आफ द मैच बने। उन्होंने माना कि आस्ट्रेलिया से खेलने का टीम पर दबाव था। उन्होंने कहा, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलना बेहद खास था और इसका दबाव भी था। जब धोनी आउट हुआ तो तब भी मुझे पता था कि अभी रैना उतरेगा और सोचा कि यदि हम 40 रन जोड़ देते हैं तो यह अच्छा रहेगा। गौतम गंभीर के रन आउट होने के बारे में उन्होंने कहा, मैंने गौती :गंभीर: से कहा कि मैं वीरेंद्र सहवाग नहीं हूं। मैं उसकी तरह नहीं दौड़ सकता। हो सकता है कि यह मेरी गलती रही हो।