यह ख़बर 26 जनवरी, 2014 को प्रकाशित हुई थी

नडाल को हराकर वावरिंका ने जीता ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब

मेलबर्न:

स्विट्जरलैंड के स्टानिस्लास वावरिंका ने चोट से परेशान दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी रफेल नडाल को ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल मुकाबले में हराकर अपने कैरियर का पहला ग्रैंडस्लैम खिताब जीत लिया। आठवीं वरीयता प्राप्त वावरिंका ने दो घंटे 21 मिनट तक चला मुकाबला 6-3, 6-2, 3-6, 6-3 से जीता।

कमर की चोट से परेशान नडाल ने तीसरे सेट में वापसी करके मैच को चौथे सेट तक खींचा लेकिन 14वां ग्रैंडस्लैम नहीं जीत सके। वावरिंका के लिए यह जीत करिश्माई रही, जिसे पिछले 12 मैचों में नडाल ने मात दी थी।

वावरिंका ने आक्रामक शुरुआत की और पहली दो सर्विस बरकरार रखते हुए सिर्फ दो अंक गंवाए। उसने चौथे गेम में नडाल की सर्विस तोड़ी। नडाल ने खराब ड्रापशॉट के बाद डबल फाल्ट कर डाली, जिससे वावरिंका को हावी होने का मौका मिला। उसने नडाल के अगले सर्विस गेम पर ब्रेक प्वाइंट बनाया और अपनी सर्विस बरकरार रखी।

पहले सेट में सर्विस गेम पर वावरिंका तीन ब्रेक प्वॉइंट पीछे था, लेकिन उसने अगले पांच प्वॉइंट बनाकर बेहतरीन सर्विस के साथ पहला सेट 37 मिनट में जीत लिया। दूसरे सेट के पहले ही गेम में वावरिंका ने फिर बैकहैंड पर रिटर्न विनर लगाकर नडाल की सर्विस तोड़ी। उसने फिर लगातार 12 अंक बनाए, जबकि इस बीच नडाल को धीमे खेल के लिए चेतावनी मिली।

फोरहैंड पर एक शाट लगाने के बाद नडाल की कमर की परेशानी बढ़ गई। उसने अगले चेंजओवर में ट्रेनर को बुलाया और मेडिकल टाइमआउट के लिए कोर्ट के बाहर भी चले गए। वावरिंका ने चेयर अंपायर से बहस भी की कि उसे नडाल की चोट के बारे में बताया क्यों नहीं जा रहा, क्योंकि उसके सात मिनट कोर्ट से गायब रहने से दर्शक बेचैन होने लगे थे।

कोर्ट पर लौटने के बाद भी नडाल लय में नहीं दिखे और तीसरी बार सर्विस गंवाई। इस बीच वावरिंका ने 4-1 की बढ़त बना ली थी। चेंजओवर के समय नडाल सिर पर हाथ धरकर बैठे दिखे। वावरिंका ने दूसरा सेट आराम से जीत लिया, जबकि उसके स्पेनिश प्रतिद्वंद्वी को बार बार चेयर पर जाकर उपचार लेना पड़ रहा था।

नडाल ने तीसरे सेट में पहली बार वावरिंका की सर्विस तोड़ी। उपचार या दर्दनिवारक दवाइयों का असर दिखने लगा और नडाल ने कुछ दमदार शाट लगाकर 4-1 की बढ़त बना ली। इस बीच दबाव के कारण वावरिंका से गलतियां होने लगी। नौवें गेम में वावरिंका ने ब्रेक प्वाइंट बनाए, लेकिन नडाल ने बेहतरीन सर्विस पर तीसरा सेट जीत लिया।

चौथे सेट की शुरुआत में नडाल ने अपनी सर्विस बरकरार रखी और वावरिंका शुरुआत में मिले दो ब्रेक प्वाइंट का फायदा नहीं उठा सके। वावरिंका ने 4-2 की बढ़त बना ली, लेकिन नडाल ने अगले सर्विस गेम पर तीन ब्रेक प्वाइंट के साथ वापसी की। वावरिंका ने फिर नडाल की सर्विस तोड़ी और खिताब अपने नाम कर लिया।

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वावरिंका किसी ग्रैंडस्लैम में शीर्ष दो खिलाड़ियों (नडाल और नोवाक जोकोविच) को हराने वाले सर्जी ब्रुगुएरा के बाद दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। ब्रुगुएरा ने 1993 फ्रेंच ओपन में यह कमाल किया था।