श्रीलंका ने विश्व कप ग्रुप ए के लीग मैच में गुरुवार को जिम्बाब्वे को 139 रन से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।
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पालेकेल:
सलामी बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान के शतकीय प्रहार के बाद चार विकेट और उपुल थरांगा के साथ पहले विकेट की रिकार्ड साझेदारी की बदौलत श्रीलंका ने विश्व कप ग्रुप ए के लीग मैच में गुरुवार को जिम्बाब्वे को 139 रन से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। दिलशान ने नौवां एक दिवसीय शतक जड़ते हुए 144 रन बनाये जबकि थरांगा ने कैरियर की सर्वश्रेष्ठ 133 रन की पारी खेली। इसकी बदौलत श्रीलंका ने छह विकेट पर 327 रन बनाये। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 39 ओवर में 188 रन पर आउट हो गई। दिलशान ने बल्ले के बाद गेंद से भी जलवा दिखाते हुए तीन ओवर में सिर्फ चार रन देकर चार विकेट चटकाये। अनुभवी आफ स्पिनर मुथया मुरलीधरन ने नौ ओवर में 34 रन देकर तीन विकेट चटकाये। इससे पहले जिम्बाब्वे के कप्तान एल्टन चिगुंबुरा को टास जीतकर क्षेत्ररक्षण के फैसले का खामियाजा भुगतना पड़ा। दिलशान और थरांगा ने 282 रन की साझेदारी की और एक दिवसीय क्रिकेट में 286 रन की प्रारंभिक विकेट की साझेदारी का रिकार्ड तोड़ने से चार रन से पीछे रह गए। थरांगा ने सनत जयसूर्या के साथ लीड्स में इंग्लैंड के खिलाफ 2006 में यह साझेदारी की थी। एक दिवसीय क्रिकेट के इतिहास में यह चौथी सबसे बड़ी साझेदारी है। क्रिस्टोफर मपोफू ने 45वें ओवर में थरांगा को चिगुंबुरा के हाथों कवर में लपकवाकर इस साझेदारी को तोड़ा । थरांगा ने 141 गेंद की पारी में 17 चौके लगाये। अगले ओवर में दिलशान आफ स्पिनर प्रोस्पर उत्सेया की गेंद पर अपना विकेट गंवा बैठे। इस 34 वर्षीय बल्लेबाज ने 131 गेंद की पारी में एक छक्का और 16 चौके लगाये। मपोफू ने 64 रन देकर चार विकेट लिये। श्रीलंका के चार विकेट 45 रन के भीतर गिर गए। दिलशान ने दूसरे ही ओवर में तेज गेंदबाज टिनाशे पेनियांगारा को तीन चौके और एक छक्का लगातर अपने हाथ खोले। थरांगा ने भी उनका पूरा साथ देते हुए मपोफू के एक ओवर में तीन चौके लगाये। श्रीलंका के 10 ओवर में 77 रन बन गए थे। दिलशान ने चिगुंबुरा की गेंद पर कवर में एक रन लेकर अपना शतक पूरा किया। उन्होंने इसके लिये 95 गेंदों का सामना किया। स्टेडियम में मौजूद 30000 दर्शकों ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया। थरांगा ने पेनियांगारा को एक और चौका लगाकर पहले विकेट के लिये साझेदारी का विश्व कप का नया रिकार्ड बनाया। उन्होंने पाकिस्तान के सईद अनवर और वजाहतुल्ला वस्ती का 1999 में न्यूजीलैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में बनाया 194 रन का रिकार्ड तोड़ा। थरांगा ने रेमंड प्राइस की गेंद पर अपनी पारी का 12वां चौका लगाकर दसवां एक दिवसीय शतक पूरा किया जो विश्व कप में उनका पहला शतक भी है। इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 120 रन था जो उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 2006 में लार्डस पर बनाया था। जिम्बाब्वे की शुरूआत बेहद अच्छी रही और सलामी बल्लेबाज ब्रेंडन टेलर तथा रेगिस चाकाब्वा ने पहले विकेट के लिये 116 रन जोड़े। मुरलीधरन ने 20वें ओवर में इस साझेदारी को तोड़कर चाकाब्वा को दूसरा पर बोल्ड किया। इस बल्लेबाज ने 61 गेंद में तीन चौकों की मदद से 35 रन बनाये। ततेंडा तायबू : चार : ज्यादा देर टिक नहीं सके। एंजेलो मैथ्यूज की गेंद पर तायबू ने बल्ला अड़ाया और विकेट के पीछे संकारा ने दाहिने ओर डाइव लगाकर खूबसूरत कैच लपका। शतक की ओर बढते दिख रहे टेलर को भी मैथ्यूज ने पवेलियन भेजकर किसी उलटफेर की तमाम गुंजाइश खत्म कर दी। वह 72 गेंद में नौ चौकों और एक छक्के की मदद से 80 रन बनाने के बाद मिडविकेट पर महेला जयवर्धने को कैच थमा बैठे। इसके बाद दिलशान और मुरलीधरन ने मध्य और निचले क्रम के बल्लेबाजों को समेटकर श्रीलंका को जीत तक पहुंचाया।
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