धोनी ने कहा कि उनके खिलाड़ियों में जोश की कोई कमी नहीं है लेकिन जोश होने का मतलब विपक्षी बल्लेबाजों से भिड़ना नहीं होता।
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नागपुर:
विश्व कप में दो कमजोर टीमों के खिलाफ जीतने में पसीना बहाने वाली भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने शुक्रवार को कहा कि उनके खिलाड़ियों में जोश की कोई कमी नहीं है लेकिन जोश होने का मतलब विपक्षी बल्लेबाजों से भिड़ना नहीं होता। तेज गेंदबाज एस श्रीसंत का नाम लिए बगैर धोनी ने इस बात पर असहमति जताई कि कोई गेंदबाज विपक्षी बल्लेबाजों से भिड़ने का प्रयास करे। धोनी से पूछा गया कि उनकी टीम अपनी सर्वश्रेष्ठ फार्म में पहुंचने में जोश को कैसे जारी रख सकते हैं। कप्तान धोनी ने कहा, जोश बरकरार रखने का मूल मंत्र यह है कि आप बेहतर टीमों के खिलाफ खेलते समय आप दबाव में कैसे ढलते हैं। जोश को अक्सर गलत रूप से हाव भाव से आंका जाता है। उन्होंने कहा, बल्लेबाज की ओर जाना और कुछ कहना जोश नहीं है। बल्कि मेरा विश्वास है कि कोई भी बल्लेबाज यह नहीं सुनता कि आप क्या कर रहे हो क्योंकि स्टेडियम में 50 हजार लोग मौजूद होते हैं।