पुछल्ले बल्लेबाजों के आतिशी प्रदर्शन के दम पर दक्षिण अफ्रीका ने ग्रुप बी के रोमांचक लीग मैच में भारत को तीन विकेट से हरा दिया।
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नागपुर:
सचिन तेंदुलकर के 99वें अंतरराष्ट्रीय शतक के बाद डेल स्टेन की कहर बरपाती गेंदबाजी और आखिरी ओवर में पुछल्ले बल्लेबाजों के आतिशी प्रदर्शन के दम पर दक्षिण अफ्रीका ने ग्रुप बी के रोमांचक लीग मैच में भारत को तीन विकेट से हराकर विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश की संभावना प्रबल कर ली। दक्षिण अफ्रीका को आखिरी ओवर में 13 रन की जरूरत थी। महेंद्र सिंह धोनी ने आशीष नेहरा को गेंद सौंपी जिनकी पहली गेंद पर राबिन पीटरसन ने चौका और दूसरी गेंद पर छक्का लगा दिया। अगली गेंद पर दो रन लेकर उसने स्कोर बराबर कर दिया और चौथी गेंद पर चौका लगाकर जीत दर्ज की। इससे पहले स्टेन के पांच विकेट की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने मेजबान को 48.4 ओवर में 296 रन पर रोक दिया। जवाब में दक्षिण अफ्रीका के लिये हाशिम अमला, जाक कैलिस और एबी डिविलियर्स ने अर्धशतकीय प्रहार जमाये। पीटरसन 18 और फाफ डु प्लेसिस 25 रन बनाकर नाबाद रहे। इससे पहले तेंदुलकर :111:, वीरेंद्र सहवाग :73: और गौतम गंभीर :69: से मिली शानदार शुरूआत के बाद भारत के एक समय एक विकेट पर 267 रन था। ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम 400 के आंकड़े के पास पहुंच जाएगी। तेंदुलकर के आउट होने के बाद हालांकि भारतीय पारी का पतन शुरू हुआ और इसके सूत्रधार रहे स्टेन जिनके लिये वीसीए मैदान हमेशा भाग्यशाली रहा है। स्टेन ने 9.4 ओवर में 50 रन देकर पांच विकेट लिये। राबिन पीटरसन को दो विकेट मिले। टास जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनने वाले भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के फैसले को दुरूस्त साबित करते हुए सहवाग और तेंदुलकर ने भारत को बेहद आक्रामक शुरूआत दी। स्टेन की पहली ही गेंद पर सहवाग ने चौका लगाकर अपने इरादे जाहिर कर दिये थे। दूसरे ओवर में हालांकि दक्षिण अफ्रीका के विकेटकीपर मोर्नी वान विक ने उन्हें जीवनदान दिया। मोर्नी मोर्कल की शार्टपिच गेंद पर सहवाग ने बल्ला अड़ाया लेकिन वान विक ने विकेट के पीछे सुस्ती दिखा दी। मोर्कल को छठे ओवर में तगड़ी नसीहत देते हुए सहवाग ने तीन चौके लगाये। पहले दस ओवर में भारत के 87 रन बने। तेंदुलकर ने इसी गेंदबाज का उसके अगले ओवर में यही हश्र किया। भारतीय सलामी जोड़ी के बल्ले से हो रही आतिशबाजी के आगे दक्षिण अफ्रीकी कप्तान ग्रीम स्मिथ बेबस नजर आये। सहवाग को अपनी पारी में दूसरा जीवनदान 17वें ओवर में मिला। स्पिनर जोहान बोथा की गेंद को कट करने के प्रयास में सहवाग चूके और गेंद वान विक के दस्तानों से लगकर छूट गई। उस समय सहवाग का स्कोर 70 रन था। दिल्ली का यह चैम्पियन बल्लेबाज हालांकि इस जीवनदान का फायदा नहीं उठा सका। अगले ओवर में फाफ डु प्लेसिस की गेंद पर वह बोल्ड हो गए। सहवाग ने 66 गेंद में 12 चौकों की मदद से 73 रन बनाये। भारत का पहला विकेट 142 रन पर गिरा। उनके बाद आये गंभीर ने भी तेंदुलकर का बखूबी साथ निभाते हुए दूसरे विकेट के लिये 125 रन की साझेदारी की। तेंदुलकर खास तौर पर काफी आक्रामक नजर आये जिन्होंने स्टेन, जेपी डुमिनी और पीटरसन को छक्के भी जड़े। उन्होंने विश्व कप में छठा और कैरियर का 99वां अंतरराष्ट्रीय शतक 92 गेंद में पूरा किया जिसमें सात चौके और तीन छक्के शामिल थे। इसी विश्व कप में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ लीग मैच में पांचवां शतक जड़कर टूर्नामेंट में सबसे अधिक सैकड़ों का रिकार्ड अपने नाम किया था। अब वह अंतरराष्ट्रीय शतकों के शतक से सिर्फ एक सैकड़ा पीछे हैं। शतक जमाने के बाद तेंदुलकर ज्यादा देर नहीं टिक सके और मोर्कल की गेंद पर प्वाइंट में डुमिनी को कैच देकर पवेलियन लौटे। उन्होंने 101 गेंदों का सामना करके अपनी पारी में आठ चौके और तीन छक्के लगाये। तेंदुलकर का विकेट गिरने के समय भारत का स्कोर 267 रन था। इसके बाद स्टेन का कहर शुरू हुआ और अगले ही ओवर में शतक की ओर बढते दिख रहे गंभीर और पिंच हिटर यूसुफ पठान :00: आउट हो गए। गंभीर को 41वें ओवर की पहली गेंद पर स्टेन ने कैलिस के हाथों लपकवाया। गंभीर ने 75 गेंद में सात चौकों की मदद से 69 रन बनाये। वहीं यूसुफ से आक्रामक बल्लेबाजी की उम्मीद थी लेकिन एक गेंद बाद ही वह स्मिथ को कैच देकर पवेलियन लौट गए। दिल्ली में हालैंड के खिलाफ अर्धशतक जमाकर भारत को जीत दिलाने वाले युवराज सिंह ने बोथा को छक्का जड़ा लेकिन अगले ओवर में जाक कैलिस का शिकार हो गए। कैलिस की फुलटास गेंद पर छक्का मारने की गेंद पर लांग आन में उन्होंने बोथा को कैच थमाया। पीटरसन ने अगले ओवर में अपनी ही गेंद पर विराट कोहली : एक : का रिटर्न कैच लपका। स्टेन ने 47वें ओवर में हरभजन :तीन: को और इसके अगले ओवर में आशीष नेहरा और मुनाफ पटेल को खाता खोलने का मौका दिये बगैर आउट करके भारतीय पारी का 300 रन से पहले ही पटाक्षेप कर दिया। दक्षिण अफ्रीका की शुरूआत धीमी रही। अमला और कैलिस ने दूसरे विकेट के लिये 86 रन की साझेदारी करके टीम को मैच में बरकरार रखा। अमला ने 72 गेंद में पांच चौकों की मदद से 61 रन बनाये जबकि कैलिस ने 88 गेंद में चार चौकों की सहायता से 69 रन बनाये। डिविलियर्स ने 39 गेंद में 52 रन बनाये जिसमें छह चौके और एक छक्का शामिल था।
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