Young AI Founder: सिर्फ 14 साल की उम्र में कोई बच्चा दुनिया की सबसे ऊंची इमारत में अपना ऑफिस बना ले, ये सुनकर शायद किसी को भी यकीन न हो. लेकिन इन दिनों एक 14 साल का लड़का पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है. कम उम्र में उसने ऐसा काम कर दिखाया है, जिसे करने का सपना बड़े-बड़े लोग देखते हैं. स्कूल की पढ़ाई के साथ उसने टेक्नोलॉजी की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है. यही वजह है कि आज उसकी कहानी सोशल मीडिया से लेकर बिजनेस की दुनिया तक हर जगह सुर्खियों में है.
कौन हैं जैनम जैन
जैनम जैन 14 साल के हैं और दुबई में AI कंपनी चला रहे हैं. उनकी कंपनी का नाम Mengo Engine है. ये AI प्लेटफॉर्म बिजनेस के कई काम आसान करता है. इसकी मदद से मार्केटिंग, ग्राहकों से बात करना, सेल्स बढ़ाना और कंटेंट तैयार करना जैसे काम जल्दी और आसान हो जाते हैं. बताया जाता है कि दुबई में इतनी कम उम्र में AI कंपनी शुरू करने वालों में उनका नाम शामिल है.
6 साल की उम्र से शुरू हुआ सफर
जैनम ने बताया कि जब वो सिर्फ 6 साल के थे, तब उनके पिता उन्हें पहली बार एक बिजनेस मीटिंग में लेकर गए थे. वहीं से उनके मन में बिजनेस को समझने की दिलचस्पी बढ़ी. इसके बाद उन्होंने सिर्फ स्कूल की पढ़ाई पर ही भरोसा नहीं किया. वो नए लोगों से मिले, अलग-अलग कार्यक्रमों में गए और हर अनुभव से कुछ नया सीखते रहे.
पढ़ाई भी की अपने तरीके से
जैनम ने 13 साल की उम्र में IGCSE क्लास 10 की परीक्षा सिर्फ 105 दिनों में पूरी कर ली. उन्होंने पढ़ाई का ऐसा तरीका चुना, जिससे उन्हें अपनी कंपनी और नए आइडिया पर काम करने के लिए ज्यादा समय मिल सके. उनका मानना है कि सीखना सिर्फ किताबों से नहीं होता. असली दुनिया से मिलने वाले एक्सपीरियंस भी बहुत कुछ सिखाते हैं.
कई बड़े काम कर चुके हैं
जैनम सिर्फ कंपनी चलाने तक ही नहीं रुके. वो TEDx में अपनी बात रख चुके हैं. उनके नाम दो पेटेंट हैं और उन्होंने एक किताब भी लिखी है. उनके यूट्यूब चैनल पर 1.45 लाख से ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं. 10 साल की उम्र से ही उन्होंने खुद को 50 दिन की अलग-अलग चुनौतियां देना शुरू कर दिया था. इस दौरान उन्होंने 50 किताबें पढ़ीं, 50 बिजनेस कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और भारत में करीब 6,000 किलोमीटर का सफर करके कई सफल लोगों से मुलाकात की.
आगे क्या करना चाहते हैं
जैनम का सपना एक ऐसी बड़ी कंपनी बनाना है, जिसका नाम पूरी दुनिया में हो. उनका कहना है कि किसी इंसान की उम्र नहीं, बल्कि उसकी सोच, मेहनत और लगातार काम करने की आदत उसे आगे बढ़ाती है. यही वजह है कि आज उनकी कहानी लाखों बच्चों और युवाओं के लिए मिसाल बन गई है.
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