UPSC में 301 रैंक का झगड़ा खत्म, PIB ने बताया कौन है असली आकांक्षा सिंह

UPSC AIR 301 Akanksha Singh: यूपीएससी (UPSC) रिजल्ट में उत्तर प्रदेश और बिहार की दो महिला उम्मीदवार एक ही रैंक पर दावा कर रही थीं, जिसके बाद अब पीआईबी की तरफ से असली आकांक्षा सिंह की जानकारी शेयर की गई है.

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UPSC AIR 301 Akanksha Singh

UPSC AIR 301 Controversy: संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC का रिजल्ट हाल ही में जारी किया गया, जिसमें राजस्थान के रहने वाले अनुज अग्निहोत्री ने पहली रैंक हासिल की. इस परीक्षा में तमाम राज्यों से कई लोगों ने बाजी मारी है और अपने इलाके का नाम रोशन किया है. इसी बीच एक रैंक ऐसी भी थी, जिस पर एक नहीं बल्कि दो उम्मीदवारों ने अपना दावा पेश कर दिया. AIR 301 पर एक ही नाम की दो दावेदार आमने-सामने आ गईं, दोनों का ही इस रैंक पर दावा था. इसे लेकर अब पीआईबी की तरफ से जानकारी साझा की गई है और बताया गया है कि 301 रैंक लाने वाली असली आकांक्षा सिंह कौन है. 

पीआईबी ने शेयर की जानकारी

पीआईबी की तरफ से असली आकांक्षा सिंह की जानकारी शेयर की गई है, जिसमें उनका रोल नंबर, माता और पिता के नाम के साथ पूरा पता भी दिया गया है. इस जानकारी से साफ हो जाता है कि असली वाली आकांक्षा कौन हैं, जिन्हें UPSC में 301 रैंक मिली है. 

नाम- आकांक्षा सिंह 
रैंक - 301
पिता का नाम - रंजीत सिंह
माता का नाम - नीलम सिंह
पूरा पता - गांव, अभयपुर, गाजीपुर, उत्तर प्रदेश 

क्या था दो आकांक्षा वाला विवाद?

यूपीएससी (UPSC) 2025-26 के रिजल्ट में उत्तर प्रदेश और बिहार की दो महिला उम्मीदवार एक ही रैंक पर दावा करने लगीं. दोनों का नाम आकांक्षा सिंह है और एक ही रोल नंबर दिखाकर वो 301 रैंक को अपना बताने लगीं. हालांकि बिहार वाली आकांक्षा सिंह का दावा फर्जी निकला, उनकी तरफ से जो एडमिट कार्ड शेयर किया गया था, उसमें मौजूद क्यूआर कोड ने पूरी पोल खोल दी. कुछ फैक्ट चेक वेबसाइट्स ने इसे स्कैन कर पता लगाया था कि बिहार वाली आकांक्षा सिंह का रोल नंबर वो नहीं है, जो 301 रैंक पर दिया गया है. अब पीआईबी की तरफ से भी इसकी पुष्टि कर दी गई है कि यूपी के गाजीपुर की रहने वालीं आकांक्षा ने ही UPSC में 301वीं रैंक हासिल की है. 

कब जारी हुआ था रिजल्ट?

UPSC रिजल्ट 6 मार्च, 2026 को जारी किया गया था, जिसमें कुल 958 उम्मीदवारों को ट्रेनिंग के लिए चुना गया है. इस बार 659 पुरुष और 299 महिलाओं ने इस परीक्षा में बाजी मारी है. अब ट्रेनिंग के बाद इन तमाम उम्मीदवारों को उनकी रैंक और चॉइस के हिसाब से IAS, IPS, IFS और अन्य केंद्रीय सेवाओं में तैनाती मिलेगी. यूपीएससी बेहद सावधानी से रिजल्ट जारी करता है, इसीलिए इसमें किसी भी तरह की गलती की गुंजाइश नहीं होती है. आमतौर पर जब भी एक रैंक के लिए दो दावे होते हैं तो इनमें से हमेशा ही एक फर्जी निकलता है, जैसा कि इस बार हुआ है. 

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