उत्तर प्रदेश में अब आंगनवाड़ी सेवाएं भी तेजी से बदलती दिख रही हैं और इस बदलाव की शुरुआत काफी खास तरीके से हो रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज एक कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और अन्य स्टाफ को स्मार्टफोन और जरूरी उपकरण देंगे. इससे जमीनी स्तर पर काम करने वालों का काम आसान होगा और योजनाओं की निगरानी भी ज्यादा बेहतर तरीके से हो सकेगी. ये कदम सीधे तौर पर बच्चों और महिलाओं तक पहुंचने वाली सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है.
70 हजार लोगों को मिलेगा स्मार्टफोन
सरकार का मकसद आंगनवाड़ी सेवाओं को डिजिटल बनाना है. शुरुआत में कुछ लोगों को स्मार्टफोन दिए जाएंगे, लेकिन धीरे धीरे करीब 70 हजार लोगों को ये सुविधा मिलेगी. इससे डेटा जुटाना आसान होगा और हर जानकारी तुरंत दर्ज की जा सकेगी. इससे काम में पारदर्शिता भी बढ़ेगी और समय की बचत होगी.
बच्चों की सेहत पर रहेगा फोकस
इस योजना के जरिए सिर्फ फोन ही नहीं बल्कि बच्चों की सेहत पर नजर रखने के लिए खास उपकरण भी दिए जाएंगे. इसमें स्टैडियोमीटर, इन्फैंटोमीटर और मदर चाइल्ड वेटिंग स्केल शामिल हैं. इनसे बच्चों की लंबाई और वजन सही तरीके से मापा जा सकेगा. इससे कुपोषण जैसी समस्या को जल्दी पहचाना जा सकेगा और समय पर मदद मिल पाएगी.
नए प्रोजेक्ट्स से बदलेगी तस्वीर
कार्यक्रम के दौरान नए आंगनवाड़ी केंद्रों के डिजाइन भी जारी किए जाएंगे. साथ ही कई जिलों में नए केंद्रों और बाल विकास परियोजना कार्यालयों का शिलान्यास और लोकार्पण होगा. इससे गांव और शहर दोनों जगह सुविधाएं बेहतर होंगी और रोजगार के नए मौके भी बनेंगे.
टेक्नोलॉजी से मजबूत होगा सिस्टम
सरकार की कोशिश है कि आंगनवाड़ी सेवाएं पहले से ज्यादा मजबूत बनें. स्मार्टफोन और आधुनिक उपकरण मिलने से काम करने वालों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और लोगों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी.
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