RAS-2024 में 25वीं रैंक: 10 घंटे रोज पढ़ाई, दो UPSC इंटरव्यू…जानें किसान के बेटे स्वरूप भाटी की अनोखी कहानी

राजस्थान में जैसलमेर के किसान परिवार से आने वाले स्वरूप सिंह भाटी ने RAS-2024 में 25वीं रैंक हासिल कर सफलता की नई मिसाल पेश की है. कठिन मेहनत, असफलताओं से सीख और परिवार के सहयोग से उन्होंने अपना सपना साकार किया.

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जैसलमेर के किसान परिवार से आने वाले स्वरूप सिंह भाटी ने RAS-2024 में 25वीं रैंक हासिल कर सफलता की नई मिसाल पेश की है.

Rajasthan News: राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा घोषित RAS-2024 के परिणामों में कई प्रेरणादायक कहानियां सामने आई हैं. इन्हीं में से एक कहानी जैसलमेर जिले के फतेहगढ़ तहसील के मेघा गांव के रहने वाले स्वरूप सिंह भाटी की है. साधारण किसान परिवार से आने वाले स्वरूप ने 25वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया. उनकी यह सफलता लगातार मेहनत और धैर्य का परिणाम है.

साधारण परिवार, असाधारण उपलब्धि

स्वरूप सिंह के पिता अर्जुन सिंह एक किसान हैं और माता अने कवर गृहिणी हैं. तीन भाइयों में स्वरूप दूसरे नंबर पर हैं. बड़े भाई सवाई सिंह और छोटे भाई रावल हैं जो फिलहाल 12वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहे हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने हमेशा स्वरूप का हौसला बढ़ाया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.

यह स्वरूप की पहली उपलब्धि नहीं है. इससे पहले उन्होंने RAS-2023 में 385वीं रैंक हासिल की थी, जिसमें उनका चयन जिला उद्योग अधिकारी के पद पर हुआ. वर्तमान में वे ट्रेनिंग कर रहे हैं, लेकिन उनका लक्ष्य इससे भी ऊंचा था. इसी लक्ष्य को लेकर उन्होंने दोबारा प्रयास किया और इस बार टॉप-25 में जगह बना ली.

कड़ी मेहनत और अनुशासन बना आधार

स्वरूप के बड़े भाई के अनुसार, वे बचपन से ही पढ़ाई में तेज थे. यूपीएससी की तैयारी के दौरान उन्होंने रोजाना करीब 10 घंटे पढ़ाई की. कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य पर लगातार फोकस बनाए रखा.

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स्वरूप सिंह दो बार UPSC के इंटरव्यू तक पहुंचे लेकिन अंतिम चयन नहीं हो पाया. इसके बावजूद उन्होंने निराश होने के बजाय खुद को और बेहतर बनाने पर ध्यान दिया. उनकी यही जिद और मेहनत उन्हें सफलता की ओर ले गई.

पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन

एक साल पहले ही उनकी शादी हुई थी, लेकिन उन्होंने पारिवारिक जिम्मेदारियों और पढ़ाई के बीच बेहतरीन संतुलन बनाए रखा. आर्थिक स्थिति सामान्य होने के बावजूद परिवार ने हर कदम पर उनका साथ दिया.

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