One Dollar Salary in Iran: ईरान इस समय कठिन आर्थिक दौर से गुजर रहा है. 28 दिसंबर से शुरू हुए महंगाई विरोधी प्रदर्शन अब कई जगहों पर हिंसा में बदल चुके हैं. आम लोगों का गुस्सा सड़कों पर साफ दिख रहा है, क्योंकि महंगाई और बेरोजगारी ने उनकी कमर तोड़ दी है. हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि ईरानी मुद्रा रियाल इतिहास के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर किसी को ईरान में एक डॉलर की सैलरी मिले, तो वो कितने का पैकेज हो जाता है. अंतर जानकर आप हैरान रह जाएंगे.
महंगाई ने बिगाड़ा आम आदमी का बजट
ईरान में इस समय महंगाई दर 50 से 70 प्रतिशत से भी ज्यादा बताई जा रही है। चाय, ब्रेड, दूध और तेल जैसी चीजें आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं. कम सैलरी, ज्यादा महंगाई और गिरती मुद्रा ने मिलकर आम ईरानी लोगों की जिंदगी मुश्किल बना दी है. यही वजह है कि लोग सड़कों पर उतर आए हैं और सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं.
ईरान में 1 डॉलर की सैलरी का मतलब
ईरान की करेंसी इन दिनों अपने सबसे निचले स्तार पर आ गई है. ओपन मार्केट में 1 अमेरिकी डॉलर की कीमत करीब 14.55 से 14.57 लाख रियाल तक जा पहुंची है. सुनने में अजीब लगता है कि अगर किसी को ईरान में 1 डॉलर की सैलरी मिलती है, तो वह कागजों में लाखों रियाल के बराबर होती है. चूंकि 1 डॉलर करीब 14.5 लाख रियाल के बराबर है. यानी अगर किसी कर्मचारी को महीने में 1 डॉलर मिलते तो, वह इतने रियाल हो जाते.
रियाल इतने बुरे हाल में क्यों?
ईरानी मुद्रा के इस हाल के पीछे कई वजहें हैं. अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध, तेल निर्यात में दिक्कत, कमजोर विदेशी निवेश और सरकार पर घटता भरोसा, इन सबने मिलकर रियाल को कमजोर किया है. जैसे-जैसे डॉलर मजबूत होता गया, वैसे-वैसे रियाल की कीमत गिरती चली गई. इस आर्थिक संकट का सबसे ज्यादा असर मिडिल क्लास और गरीब तबके पर पड़ा है. नौकरी करने वालों की सैलरी बढ़ नहीं रही, लेकिन खर्चे हर महीने बढ़ते जा रहे हैं. कई परिवारों को जरूरी चीजों में कटौती करनी पड़ रही है.