18 लाख रुपये कमा रहा मुंबई का प्लंबर, Reddit यूजर्स बोले- इसका AI भी कुछ नहीं बिगाड़ सकता

Mumbai Plumber 18 Lakh Income: मुंबई के एक प्लंबर ने जब शख्स को बताया कि वो साल में 18 लाख रुपये तक कमा लेता है तो उसने ये बात सोशल मीडिया पर शेयर की, जिसके बाद इस तरह की नौकरियों को लेकर बहस छिड़ गई.

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मुंबई के प्लंबर की कमाई जानकर उड़ जाएंगे होश

Mumbai Plumber 18 Lakh Income: आपके घर पर छोटा-मोटा काम करने आने वाले प्लंबर को देखकर क्या आप उसकी इनकम का अंदाजा लगा सकते हैं? अगर हम आपको बताएं कि एक प्लंबर साल में 18 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई कर सकता है तो आप यकीन नहीं करेंगे, लेकिन ये सच है. सोशल मीडिया पर एक प्लंबर की कहानी खूब वायरल हो रही है, जिसमें एक शख्स ने प्लंबर से हुई बातचीत को शेयर किया है. इसमें उसने बताया कि प्लंबर एक साल में 18 लाख रुपये कमाता है, इतना ही नहीं, उसके पास अपनी एक क्रेटा कार भी है. ये सुनते ही Reddit पर बहस छिड़ गई और लोग मजेदार कमेंट करने लगे. 

ऐसा क्या काम करता है प्लंबर?

अब अगर आप सोच रहे हैं कि ये प्लंबर भाई साहब घरों में जाकर नल टाइट करते हैं और इसी से उनकी लाखों की कमाई हो रही है तो आप गलत हैं. ये प्लंबर हर घर में जाकर छोटा-मोटा काम करने के बजाय, मीरा रोड, बोरीवली और कांदिवली जैसे पॉश इलाकों की बड़ी हाउसिंग सोसाइटीज में मेंटेनेंस के बड़े कॉन्ट्रैक्ट लेता है. इस काम से उसे अच्छा खासा पैसा मिलता है और इसी की बदौलत उसने 2022 में हुंडई क्रेटा (Hyundai Creta)खरीद ली. इसके अलावा अपने गांव में एक पक्का घर बनाया है और खेती की जमीन में निवेश भी किया है.

एआई भी कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा 

ये खबर Reddit पर शेयर होते ही लोगों में हडकंप मच गया, लोग एक दूसरे से उनकी सैलरी पूछने लगे. रेडिट यूजर्स इस बात से हैरान थे कि उसकी कमाई कई नए सॉफ्टवेयर इंजीनियरों और कॉर्पोरेट कर्मचारियों से भी ज्यादा है. कुछ लोगों ने ये भी कहा कि बाकी नौकरी छोड़ो और यही शारीरिक मेहनत वाले काम शुरू कर दो, क्योंकि एआई इन कामों का कुछ नहीं बिगाड़ सकता है. अगर एक प्लंबर 18 लाख रुपये कमा सकता है तो एआई के खतरे की रेंज में आने वाली डेस्क जॉब करने का क्या मतलब है. 

मुंबई में स्किल्ड वर्कर्स की कमी

मुंबई में स्किल्ड कामगारों (जैसे प्लंबर या इलेक्ट्रीशियन) की भारी कमी है. यही वजह है कि यहां इन लोगों की कमाई काफी अच्छी है. एक छोटे काम के लिए आने पर भी मिनिमम चार्ज यहां 500 से ज्यादा होता है और इसके अलावा लेबर चार्ज अलग से लगता है. फिलहाल इस मामले ने बड़े शहरों में इस तरह के काम और "ब्लू-कॉलर" बिजनेस में कमाई की संभावनाओं पर एक नई बहस छेड़ दी है. 

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