Famous IITians in World: सिलिकॉन वैली की चकाचौंध हो या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की नई दुनिया, हर जगह भारतीय चेहरों का दबदबा है. इनमें से ज्यादातर लीडर्स की शुरुआत भारत के किसी न किसी IIT कैंपस से हुई थी. ये दिग्गज दुनिया में बड़े-बड़े टेक कंपनियों को लीड कर रहे हैं और अमेरिका जैसे मार्केट में बैठकर ग्लोबल बिजनेस को डायरेक्शन दे रहे हैं. आइए जानते हैं ऐसे ही 5 नाम, जो आईआईटी से निकलकर दुनिया के टॉप CEO और इनोवेटर्स में से एक हैं और टेक-बिजनेस की दुनिया में अलग पहचान बना चुके हैं.
सुंदर पिचाई: गूगल और अल्फाबेट के CEO
मदुरै में जन्मे सुंदर पिचाई आज दुनिया के सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक माने जाते हैं. उन्होंने IIT खड़गपुर से 1993 में इंजीनियरिंग की थी. उनके प्रोफेसर बताते हैं कि सुंदर कॉलेज में बहुत शांत और शर्मीले थे, लेकिन पढ़ाई में उनका कोई जवाब नहीं था. उनके थीसिस गाइड आज भी उनकी मेहनत की तारीफ करते नहीं थकते हैं. आज वे गूगल (Google) और अल्फाबेट (Alphabet) जैसी कंपनियों को लीड कर रहे हैं और AI, सर्च और टेक्नोलॉजी की दुनिया में बड़े फैसले लेते हैं.
अरविंद कृष्णा: IBM के CEO
अरविंद कृष्णा, आईआईटी कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग ग्रेजुएट हैं. 1985 में पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अमेरिका में PhD की और टेक इंडस्ट्री में अपना करियर बनाया. IBM के CEO बनने से पहले उन्होंने कंपनी में कई अहम रोल निभाए. उनका मानना है कि आज भारत में IITians के लिए पहले से कहीं ज्यादा मौके हैं, खासकर स्टार्टअप और इनोवेशन के क्षेत्र में उनके लिए अवसरों की भरमार है.
विनोद खोसला: सिलीकॉन वैली के बड़े इन्वेस्टर
विनोद खोसला ने IIT दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद वे अमेरिका गए और कुछ सालों बाद सन माइक्रोसिस्टम्स (Sun Microsystems) के को-फाउंडर बने. आज उनकी खोसला वेंचर्स (Khosla Ventures) दुनिया की कई स्टार्टअप कंपनियों खासकर टेक और क्लीन एनर्जी सेक्टर में में निवेश करती है. वे सिर्फ एक बिजनेसमैन नहीं, बल्कि एक विजनरी निवेशक हैं. आज वे अमेरिका के सबसे अमीर लोगों में गिने जाते हैं. उन्हें ऐसी कंपनियों को पहचानने में महारत हासिल है जो दुनिया बदलने का दम रखती हैं.
अरविंद श्रीनिवास: Perplexity AI के CEO
अरविंद श्रीनिवास IIT मद्रास से ग्रेजुएट हैं. 2017 में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने यूसी बरकेले (UC Berkeley) से PhD की और OpenAI, गूगल ब्रेन (Google Brain) और डीपमाइंड (DeepMind) जैसे बड़े रिसर्च लैब्स में काम किया. 2022 में उन्होंने Perplexity AI की शुरुआत की, जो आज AI सर्च के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है.
निकेश अरोड़ा: Palo Alto Networks के CEO
निकेश अरोड़ा ने 1989 में IIT BHU (वाराणसी) से ग्रेजुएशन किया था. आज वे दुनिया की सबसे बड़ी साइबर सिक्योरिटी कंपनी 'पालो ऑल्टो नेटवर्क्स' के सर्वेसर्वा हैं. गूगल और सॉफ्टबैंक में बड़े पदों पर रहने के बाद, आज वे सिलिकॉन वैली के सबसे ज्यादा सैलरी (Highest-paid) पाने वाले CEOs में से एक हैं.
पेट्रोल-डीजल से एक महीने में कितना कमाती है सरकार? लगता है इतने तरह का टैक्स