बिना UPSC पास किए भी बन सकते हैं IAS, जानिए प्रमोशन के रास्ते कैसे खुलता है अफसरी का दरवाजा

IAS बनने के लिए सिर्फ UPSC जरूरी नहीं है. राज्य सिविल सेवा के अफसर प्रमोशन के जरिए भी IAS कैडर में पहुंच सकते हैं. जानिए ये पूरा प्रोसेस कैसे काम करता है.

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UPSC के बिना कैसे बन सकते हैं IAS
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देश के लाखों युवाओं की तरह अगर आपके मन में भी IAS अफसर बनने का सपना है तो ये खबर आपके लिए बेहद काम की है. अक्सर लोगों को लगता है कि IAS बनने का सिर्फ एक ही रास्ता है और वो UPSC परीक्षा से होकर जाता है. सच ये है कि UPSC सबसे चर्चित और सीधा रास्ता जरूर है, लेकिन ये अकेला रास्ता नहीं है. प्रशासनिक सिस्टम में ऐसे तय नियम मौजूद हैं जिनके जरिए अनुभवी सरकारी अफसर भी प्रमोशन पाकर IAS कैडर तक पहुंच सकते हैं. यानी मेहनत और अनुभव के दम पर भी ये बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है.

UPSC वाला रास्ता क्यों है सबसे पॉपुलर

UPSC सिविल सेवा परीक्षा IAS, IPS और दूसरी बड़ी सेवाओं में भर्ती का मुख्य जरिया है. हर साल लाखों उम्मीदवार कुछ सौ सीटों के लिए टफ कॉम्पटीशन में उतरते हैं. परीक्षा तीन लेवल में होती है जिसमें प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू शामिल हैं. जो उम्मीदवार सिलेक्ट होते हैं उन्हें मसूरी की ट्रेनिंग अकादमी में ट्रेनिंग दी जाती है. इसके बाद ये अफसर देश के अलग अलग हिस्सों में प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालते हैं.

राज्य सिविल सेवा से IAS बनने का दमदार रास्ता

बहुत कम लोग जानते हैं कि स्टेट सिविल सर्विसेस से भी IAS बना जा सकता है. इसे आम भाषा में PCS से IAS प्रमोशन का रास्ता कहा जाता है. उत्तर प्रदेश PCS, मध्य प्रदेश राज्य प्रशासनिक सेवा और दूसरे राज्यों की समान सेवाओं में भर्ती होकर अफसर अपने करियर की शुरुआत करते हैं. ज्यादातर अफसर SDM जैसे पद से नौकरी शुरू करते हैं और ग्राउंड लेवल पर काम करते हुए एडमिनिस्ट्रेशन का अच्छा खासा अनुभव जुटाते हैं.

कितने साल बाद खुलता है प्रमोशन का दरवाजा

आमतौर पर 10 से 12 साल की सेवा पूरी करने के बाद अफसर IAS प्रमोशन के लिए एलिजिबल माने जाते हैं. ये प्रोसेस तय नियमों के मुताबिक होती है. प्रमोशन अपने आप नहीं मिलता, इसके लिए कई जरूरी शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं.

किन बातों पर टिका होता है प्रमोशन

  • अफसर का कामकाज और सर्विस रिकॉर्ड मजबूत होना चाहिए.
  • IAS कैडर में खाली पद होना जरूरी है.
  • राज्य सरकार की सिफारिश अहम भूमिका निभाती है.
  • एक बड़ी सिलेक्शन कमेटी अफसरों के काम और रिकॉर्ड की जांच करती है.

सिलेक्शन कमेटी कैसे तय करती है किसे मिलेगा मौका

इस कमेटी में राज्य के मुख्य सचिव, सीनियर IAS अधिकारी और UPSC से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होते हैं. अफसरों के सारे रिकॉर्ड और काम को ध्यान से देखा जाता है. इसके बाद ही प्रमोशन का फैसला होता है. इस तरीके से कई अनुभवी अफसर सालों की मेहनत के बाद IAS बनते हैं और बड़ी जिम्मेदारियां संभालते हैं.

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