AI employees: अभी कुछ समय पहले टेक्निकल कंपनी Oracle ने हजारों कर्मचारियों को ईमेल भेजकर निकाल दिया था. लोगों को सुबह-सुबह मेल मिला अैर उनकी नौकरी चली गई. लेकिन इस बदलाव का असली कारण AI को बताया गया. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस दौर में बड़ी कंपनियां कर्मचारियों को एआई से रिप्लेस कर रही हैं. खासतौर पर टेक इंडस्ट्री में कंपनियां ऑटोमेशन और AI में तेजी से निवेश कर रही हैं. कई स्टार्टअप ऐसे सिस्टम बना रहे हैं, जो इंसानों द्वारा किए जाने वाले काम कर सकते हैं. पहले केवल इन्हें चैटबॉट या AI टूल कहा जाता था, लेकिन अब इन्हें AI वर्कर या AI कर्मचारी के रूप में पेश किया जा रहा है. इसी तरह के कई एआई कर्मचारी कंपनियां तैयार कर चुकी हैं और कई पर काम चल रहा है, जो आने वाले समय में नौकरियों पर खतरा हो सकते हैं.
क्या कर सकता है AI कर्मचारी (AI Employees)
जहां इससे पहले के AI टूल्स को एसिसटेंट, सॉफ्टवेयर में मदद करने वाले टूल के तौर पर विकसित किया जा रहा था, वहीं AI कर्मचारी को डिजिटल वर्कर के तौर पर तैयार किया जा रहा है.यह सिर्फ एक टूल भर नहीं है, बल्कि कंपनी के अंदर एक कर्मचारी की तरह काम कर सकते हैं. कंपनियों का दावा है कि इनकी अपनी पहचान होगी, यह जहां काम करेंगे उस कंपनी की जानकारी स्टोर कर लेंगे, और खुद से काम करने की क्षमता रखते हैं. ये बकायदा मीटिंग्स कर सकते हैं, स्ट्रेटजी बना सकते हैं और किस तरह से काम होगा, इसकी प्लानिंग कर सकते हैं.
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ये कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) द्वारा संचालित सॉफ्टवेयर होंगे, जो किसी व्यवसाय के भीतर हर तरह के डिजिटल काम कर सकते हैं. साधारण चैटबॉट्स से अलग, ये केवल स्क्रिप्टेड जवाब नहीं देंगे, बल्कि ये AI एम्प्लॉई आपकी रिक्वेस्ट को पढ़ सकते हैं, उसे स्टेप्स में तोड़ सकते हैं, और ईमेल, CRM, कैलेंडर और अन्य टूल्स पर तब तक काम करते हैं जब तक कि काम पूरा ना हो जाए.
कुछ प्रसिद्ध AI एम्प्लॉई, जो काम कर रहे हैं-
Manus: AI एजेंट, जिसे Meta ने खरीदा है. यह रिसर्च और प्लानिंग कर सकता है.
Devin: दुनिया का पहला सॉफ्टवेयर इंजीनियर AI कहा जाता है, जो कोड लिख सकता है और उसे डिप्लॉय कर सकता है.
Harvey: वकीलों के लिए बनाया गया AI, जो कानूनी रिसर्च और कॉन्ट्रैक्ट रिव्यू करता है.
Carly: एक AI असिस्टेंट, जो ईमेल और टेक्स्ट के जरिए आपके कैलेंडर को मैनेज करता है.
आ रहा है Junior AI कर्मचारी
ऐसा ही एक नया AI कर्मचारी आ रहा है, Junior. आपकी कंपनी में इसका नाम, पहचान होगी. यह कंपनी की जानकारी याद रखता है. खुद से काम करता है. टीम के साथ मिलकर भी काम करता है. यही नहीं, ये कंपनी के पुराने फैसले, क्लाइंट डाटा, टीम की बातचीत, वर्कफ्लो आदि भी याद रखता है और उसी हिसाब से काम करना शुरू कर देता है.
वर्कप्लेस का हिस्सा बन रहे हैं AI
अब AI सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रहा है. यह कई तरह के काम कर रहा है. जैसे सेल्स में ग्राहकों की पहचान करना, ईमेल और मैसेज लिखना, कस्टमर सपोर्ट संभालना, कोड लिखना और उसमें सुधार करना आदि. बता दें कि Salesforce, Microsoft, Oracle, IBM जैसी बड़ी कंपनियां पहले से AI सिस्टम का इस्तेमाल कर रही हैं.
AI से काम कराने में क्यों दिलचस्पी दिखा रही कंपनियां
AI से काम कराने में कंपनियों को कई तरह के फायदे नजर आ रहे हैं. जैसे AI कभी थकते नहीं हैं. ये ब्रेक नहीं लेते हैं, लगातार काम करते हैं. ये आपके लिए सातों दिन 24 घंटे काम कर सकते हैं. ये बीमार नहीं होते और छुट्टी भी नहीं मांगते हैं.
AI की वजह से कैसे जा रही नौकरियां
पूरी दुनिया में AI के कारण बदलाव धीरे-धीरे नजर आने लगा है. कंपनियां सीधे नहीं कह रही हैं कि AI लोगों की जगह ले रहा है. लेकिन AI के कारण नई भर्ती कम हो रही हैं, टीम छोटी की जा रही हैं और ये काम AI को दिया जा रहा है. जहां पहले लोगों की बड़ी टीम जो काम करती थी, अब वही काम छोटी टीम AI की मदद से कर रही है.