UPTET 2026: हर साल लाखों युवा सरकारी शिक्षक बनने का सपना लेकर तैयारी में जुट जाते हैं, लेकिन कई बार कुछ नंबर कम होने की वजह से ये सपना अधूरा सा लगने लगता है. खासकर जब बात यूपीटीईटी जैसी बड़ी परीक्षा की हो, तो एलिजिबिलिटी को लेकर कन्फ्यूजन और भी बढ़ जाता है. इसी बीच अब बड़ी खबर ये है कि चार साल के लंबे इंतजार के बाद उत्तर प्रदेश में यूपीटीईटी 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है. फॉर्म शुरू होते ही उम्मीदवारों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. खास बात ये है कि इस बार सिर्फ 50% से ज्यादा नंबर वालों के लिए ही नहीं, बल्कि कुछ शर्तों के साथ कम नंबर वाले उम्मीदवारों के लिए भी आवेदन का रास्ता खुला है, जिससे हजारों युवाओं को बड़ी राहत मिली है.
50% से कम नंबर पर भी बन सकता है रास्ता
कई उम्मीदवार मान लेते हैं कि 50% से कम अंक होने पर वे यूपीटीईटी के लिए योग्य नहीं हैं. लेकिन ये पूरी तरह सही नहीं है. कुछ खास नियम ऐसे हैं, जिनके तहत कम नंबर होने के बावजूद भी अप्लाई किया जा सकता है.
पोस्ट ग्रेजुएशन का मिलता है फायदा
अगर ग्रेजुएशन में आपके नंबर कम हैं लेकिन आपने पोस्ट ग्रेजुएशन किया है और उसमें 50% या उससे ज्यादा अंक हैं, तो आपके लिए रास्ता खुल जाता है. ऐसे उम्मीदवार बिना किसी परेशानी के फॉर्म भर सकते हैं.
आरक्षित वर्ग को मिलती है छूट
सरकार ने आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को राहत दी है. SC, ST और बाकी वर्गों को 5% की छूट मिलती है. यानी अगर आपके 45% नंबर भी हैं, तो भी आप आवेदन करने के हकदार हैं. जिन उम्मीदवारों ने पहले से बीएड किया हुआ है, उन्हें भी NCTE के पुराने नियमों के तहत छूट मिलती है. ऐसे उम्मीदवार 45% नंबर के साथ भी यूपीटीईटी परीक्षा में शामिल हो सकते हैं.
डिप्लोमा वालों के लिए राहत
BTC, D.El.Ed, B.El.Ed या AMU से टीचिंग डिप्लोमा करने वाले उम्मीदवारों के लिए सबसे बड़ी राहत ये है कि उनके लिए ग्रेजुएशन के नंबर की सख्त शर्त लागू नहीं होती. यानी ये उम्मीदवार भी आसानी से आवेदन कर सकते हैं. कुल मिलाकर, यूपीटीईटी 2026 उन युवाओं के लिए भी शानदार मौका है जो अब तक खुद को कम नंबर की वजह से पीछे समझ रहे थे.
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