UGC NET के बाद असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए कितने अभ्यर्थी होते हैं क्वालिफाई? खुद NTA ने बताया

UGC NET के बाद असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए आखिर कितने उम्मीदवार क्वालिफाई होते हैं? NTA ने अपने नोटिस में एक लाइन में इसका जवाब दिया है, लेकिन इस 6 प्रतिशत के पीछे एक खास बात है, जो हर उम्मीदवार को जाननी चाहिए.

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UGC NET के बाद असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए क्वालिफाइंग मार्क्स

UGC NET देने वाले लाखों उम्मीदवारों के मन में एक सवाल जरूर रहता है कि आखिर इस परीक्षा के बाद असिस्टेंट प्रोफेसर बनने की पात्रता कितने लोगों को मिलती है. अब इस सवाल का जवाब खुद NTA ने अपने नए नोटिस में दिया है. 16 अगस्त 2026 को जारी री-एग्जाम नोटिस में NTA ने एक लाइन में साफ कर दिया है कि असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवारों की संख्या कितनी रखी जाएगी. इस नियम को समझना इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि तीन विषयों के दोबारा एग्जाम के बाद उम्मीदवारों की संख्या को लेकर भी NTA ने खास बात बताई है.

NTA ने एक लाइन में क्या बताया

NTA के नोटिस में साफ लिखा है कि असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता के लिए क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवारों की संख्या जून 2026 में हुए टेस्ट या री-टेस्ट में शामिल उम्मीदवारों की संख्या के 6 प्रतिशत के बराबर होगी, जो भी संख्या ज्यादा होगी. यानी इसे आसान भाषा में समझें तो जून 2026 की परीक्षा में जितने उम्मीदवार शामिल हुए थे, उसका 6 प्रतिशत देखा जाएगा. लेकिन अगर English, Commerce और Sociology के री-एग्जाम में उम्मीदवारों की संख्या इससे ज्यादा रहती है, तो उस स्थिति में री-टेस्ट में शामिल उम्मीदवारों की संख्या को आधार बनाया जाएगा.

6 प्रतिशत का नियम कैसे समझें

मान लीजिए जून 2026 की परीक्षा में 1 लाख उम्मीदवार शामिल हुए. ऐसे में असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए 6 प्रतिशत यानी 6 हजार उम्मीदवार क्वालिफाई करने वालों की लिस्ट में आ सकते हैं. लेकिन अगर किसी री-टेस्ट में इससे ज्यादा उम्मीदवार शामिल होते हैं, तो NTA ज्यादा संख्या को आधार मानेगा. यानी तीन विषयों के री-एग्जाम की वजह से असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए क्वालिफाई करने वालों की तय संख्या कम नहीं की जाएगी. NTA ने नोटिस में ये भी साफ किया है कि री-टेस्ट के बाद इन तीन विषयों के लिए पहले से तय संख्या किसी भी हालत में कम नहीं होगी.

तीन विषयों का फिर से एग्जाम क्यों

NTA ने इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के पेपर दोबारा कराने का फैसला किया है. नोटिस के मुताबिक इन पेपर में फैक्ट्स से जुड़ी गलतियां, टाइपिंग और ट्रांसलेशन की गलतियां, सवालों की भाषा से जुड़ी दिक्कतें और कुछ दूसरे मुद्दे मिले थे. इसी वजह से इन तीनों विषयों का री-एग्जाम कराया जा रहा है.

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कब होगा री-एग्जाम

इंग्लिश का री-एग्जाम 9 सितंबर 2026 को पहली शिफ्ट में होगा. कॉमर्स का पेपर 9 सितंबर को दूसरी शिफ्ट में होगा. सोशियोलॉजी की परीक्षा 10 सितंबर 2026 को पहली शिफ्ट में होगी.

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