NEET Supreme Court Hearing: सुप्रीम कोर्ट ने नीट-यूजी (NEET-UG) मामले में दायर याचिकाओं पर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय को नोटिस जारी किया है. इसके अलावा इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुएकहा कि "बेहद दुखद है कि उन्होंने अभी तक सबक नहीं सीखा है!" साथ ही एनटीए से भी जवाब मांगा गया है. सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए से पूछा कि कोर्ट के आदेश पर बनाई गई 'निगरानी समिति' (Monitoring Committee) का क्या हुआ, उसकी रिपोर्ट कहां है? नीट पेपर लीक के बाद दायर याचिकाओं में एनटीए को हटाने, पेपर कंप्यूटर आधारित करने और कोर्ट की निगरानी में दोबारा परीक्षा करवाने की मांग की गई है.
कोर्ट की निगरानी में कमेटी बनाने की मांग
'फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन' (FAIMA) ने नीट-यूजी 2026 को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के पूरे सिस्टम पर सवाल उठाया है. साथ ही ये काम दूसरी एजेंसी से करवाने की भी मांग की है. याचिकाकर्ता अब सुप्रीम कोर्ट से रिटायर्ड जज की कमेटी की मांग कर रहे हैं. इस कमेटी में एक साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट और एक फोरेंसिक साइंटिस्ट भी शामिल करने की बात कही गई है.
याचिका मे मांग की गई है कि जब तक नई स्वतंत्र परीक्षा संस्था (NEIC) औपचारिक रूप से नहीं बन जाती, तब तक न्यायिक समिति की निगरानी में NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा कराई जाए. याचिका मे NEET-UG 2026 के सेंटर-वाइज रिजल्ट सार्वजनिक किए जाने की भी मांग की गई है. ताकि किसी भी असामान्य पैटर्न या गड़बड़ी का पारदर्शी तरीके से पता लगाया जा सके.
डिजिटल लॉकिंग और ऑनलाइन एग्जाम
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में मांग की गई है कि पेपर लीक के खतरे को पूरी तरह खत्म करने के लिए क्वेश्चन पेपर्स की 'डिजिटल लॉकिंग' की जाए. इसके अलावा परीक्षा को पेन पेपर मोड की बजाय कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट मॉडल पर शिफ्ट किया जाए.
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कोर्ट ने मांग लिया जवाब
याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम NTA को मॉनिटरिंग कमेटी की सिफारिश के बारे में स्टेटस बताते हुए एक एफिडेविट फाइल करने का निर्देश देते हैं. कोर्ट ने कहा कि मॉनिटरिंग कमेटी के चेयरमैन के राधाकृष्णन को भी हाई पावर कमेटी के निर्देशों को लागू करने के लिए उठाए गए कदमों पर एफिडेविट फाइल करे.