रगों में खून की तरह दौड़ेगी देशभक्ति, सुभाष चंद्र बोस के ये 10 नारे भर देंगे जोश

Subhas Chandra Bose Jayanti 2026: नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अंग्रेजों के सामने कई चुनौतियां खड़ीं कीं और देश के लोगों को जागरूक करने का काम किया. बोस के नारे लोगों के बीच किसी चिंगारी की तरह काम करते थे, जिनसे अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिल गई.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
सुभाष चंद्र बोस की जयंती

Subhas Chandra Bose Jayanti 2026: अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिलाकर रखने वाले स्वतंत्रता सेनानियों में से एक नेताजी सुभाष चंद्र बोस देश के लिए किसी नायक से कम नहीं हैं. हर साल 23 जनवरी को सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाई जाती है, इस मौके पर उनकी बहादुरी और कमाल के नेतृत्व को लोग याद करते हैं. यही वजह है कि इस दिन को पराक्रम दिवस के तौर पर मनाया जाता है. सुभाष चंद्र बोस के दिए गए नारों ने स्वतंत्रता आंदोलन का पूरा रुख बदलकर रख दिया था और लोगों के अंदर देशभक्ति की भावना उमड़ पड़ी थी. आज भी उनके ये नारे सुनकर रौंगटे खड़े हो जाते हैं. आज हम आपको नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 10 ऐसे नारे बता रहे हैं, जिन्हें सुनकर आपके रगों में भी खून की जगह देशभक्ति दौड़ेगी. 

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 10 कोट्स 

  • "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा!" ये वही नारा है, जिससे बोस ने अपनी आजाद हिंद फौज में जोश भर दिया था. 
  • "याद रखिए, सबसे बड़ा अपराध अन्याय सहना और गलत के साथ समझौता करना है"
  • "संघर्ष ने मुझे मनुष्य बनाया, मुझमें वह आत्मविश्वास पैदा किया जो पहले नहीं था"
  • "यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी स्वतंत्रता का मूल्य अपने रक्त से चुकाएं"
  • "राष्ट्रवाद मानव जाति के उच्चतम आदर्शों -सत्यम, शिवम, सुंदरम से प्रेरित है"
  • "सफलता हमेशा असफलता के स्तंभों पर खड़ी होती है"
  • "आजादी दी नहीं जाती, ली जाती है"... इस नारे से नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने बताया कि आजादी मांगने से नहीं बल्कि अंग्रेजों से छीननी पड़ेगी. 
  • "स्वतंत्रता का मूल्य अपने रक्त से चुकाना हमारा कर्तव्य है"
  • "जहां शहद का अभाव हो, वहाँ गुड़ से ही काम निकालना चाहिए"
  • "विजेता वही होता है जो हारने के बाद भी दोबारा लड़ने का साहस रखता है"

देशभक्ति के लिए प्रेरित करते थे बोस

सुभाष चंद्र बोस देशभक्ति के लिए देशभर के लोगों को प्रेरित करते थे और उनके भाषणों में ऐसे नारे होते थे, जिन्हें सुनकर लोग स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़ते और अंग्रेजों से लोहा लेते थे. उनके 'दिल्ली चलो' और 'जय हिंद' के नारे ने ब्रिटिश साम्राज्य को हिलाकर रख दिया था. 

CRPF जवानों को लीड करेंगीं 26 साल की सिमरन बाला, UPSC CAPF में आई थी इतनी रैंक

Featured Video Of The Day
Middle East War का India में Petrol Diesel Prices पर बड़ा असर? Crude Oil Crisis और Government Plan