Farmer Daughter Mansi Ganga Silences Critics by Topping UP Board in Mainpuri: मां चलने-फिरने से असमर्थ हैं और पिता खेती-किसानी तक सीमित. दोनों ही कम पढ़े-लिखे हैं, लेकिन इन्होंने बेटी 'गंगा' के स्कूल की ओर बढते कदम कभी नहीं रोके. ना ही बेटी के सपनों के बीच अपनी मुफ़लिसी या कम शिक्षा को आने दिया. समाज ने ताने दिए, लोगों ने उपहास उड़ाया और बोल- "बेटी को पढ़ा-लिखाकर कौन सा कलेक्टर बना दोगे?" लेकिन आज उसी गंगा ने 12वीं की बोर्ड परीक्षा में टॉप करके ताना मारने वाला का मुंह बंद कर दिया. वो भी अब गंगा पर गर्व करते नजर आ रहे हैं.
Farmer Daughter Mansi Ganga Silences Critics by Topping UP Board in Mainpuri
मानसी दो बहनें कोई भाई नहीं
मानसी गंगा जिले के गोसलपुर गांव की रहने वाली हैं. उनके पिता किसान हैं और मां दिव्यांग हैं. परिवार की आर्थिक स्थित भी ठीक नहीं है, गंगा सिर्फ दो बहनें हैं, उनका कोई भाई नहीं है. लेकिन, उनके माता-पिता को इस बात का कोई अफसोस नहीं है, उन्होंने अपनी बेटियों को खूब प्यार करते हैं, उन्होंने दोनों बेटियों की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी.
मम्मी-पापा के कारण ही यह सब कर पाई
एससीएमडी इंटर कॉलेज में पढ़ने वाली मानसी गंगा ने भी अपने माता-पिता और परिवार की चुनौतयों को समझा और जमकर मेहनत की. सीमित संसाधनों में उन्होंने वो कर दिखाया जो उनके माता-पिता ने कभी सोचा भी नहीं था. मानसी गंगा ने बताया कि लोग उनके माता-पिता को बेटा नहीं होने का अक्सर ताना देते थे. कहते थे तुम्हारे पास दो बेटियां हैं, इन्हें पढ़ाकर क्या करोगे. इनकी पढ़ाई पर कम खर्च करो, शादी के लिए पैसा बचाओ. लेकिन, इस सब की मम्मी-पापा ने चिंता नहीं की.
Mainpuri Pride: Daughter of Humble Farmers Beats All Odds to Top Class 12 Board Exams
Inspiring Journey: How Mansi Ganga Overcame Social Mockery to Secure Top Rank in Mainpuri
गंगा की सफलता के बाद सबके मुंह हो गए बंद
गंगा के जिला टॉप करने के बाद उनके माता-पिता को ताना देने वाले लोगों के मुंह अब बंद हो गए हैं. रिजल्ट आने के बाद कई लोग उनके घर पहुंचे और मुंह मीठा कराने की बात कही. विद्यालय के प्रधानाचार्य सुनील शाक्य ने भी मानसी गंगा को इस उपलब्धि पर बधाई दी.