महाराष्ट्र बोर्ड ने 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. महाराष्ट्र में अब अगले साल से क्वेश्चन पेपर ऑनलाइन भेजे जाएंगे. पेपर लीक के खतरे और परिवहन खर्च को कम करने के लिए ये फैसला लिया गया है. नए सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत क्वेश्चन पेपर को सीधे परीक्षा केंद्रों पर ईमेल के जरिए भेजा जाएगा और वहीं पर छात्रों की संख्या के हिसाब से क्वेश्चन पेपर लाइव प्रिंट किए जाएंगे. इस कदम से ट्रांसपोर्टेशन और स्टोरेज के दौरान होनेवाले पेपर लीक के जोखिम को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा. इस नई प्रणाली को सुचारू रूप से चलाने के लिए राज्य मंडल परीक्षा केंद्रों को कंप्यूटर, प्रिंटर, सॉफ्टवेयर और वाई-फाई जैसी आवश्यक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराएगा.
जुलाई 2026 से होगा पायलट प्रोजेक्ट शुरू
महाराष्ट्र बोर्ड की पुणे में हुई संयुक्त बैठक में ये फैसला लिया गया है. इस निर्णय के तहत जुलाई 2026 की पूरक परीक्षा (Supplementary Exam) में पुणे के ग्रामीण इलाकों में पहले इसका पायलट प्रोजेक्ट चलाया जाएगा. जिसके सफल होने पर इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा.
पेपर लीक के कई मामले आए सामने
इस साल महाराष्ट्र बोर्ड की परीक्षाओं के दौरान पेपर लीक से जुड़े कई मामले देखने को मिले थे. नागपुर के परीक्षा केंद्र पर एग्जाम शुरू होने से ठीक पहले व्हाट्सएप ग्रुप पर केमिस्ट्री का पेपर शेयर किया गया था. इसी तरह से टेलीग्राम ग्रुप पर एग्जाम से पहले ही कक्षा 10वीं के गणित भाग-1 और भाग-2 का पेपर भी लीक कर दिया गया था. राज्य के अन्य जिलों से भी पेपर लीक की कई घटनाएं सामने आई थी.
इससे पहले महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 10 (एसएससी) और कक्षा 12 (एचएससी) की बोर्ड परीक्षाओं के क्वेश्चन पेपर के पैटर्न में भी बड़ा बदलाव किया है. नए पैटर्न के अनुसार 2026-27 के शैक्षणिक सत्र से क्वेश्चन पेपर की लंबाई में लगभग 60 प्रतिशत की कमी की जाएगी. ये कदम बोर्ड परीक्षाओं को छात्रों के लिए अधिक सुगम बनाने और छपाई की लागत कम करने के उद्देश्य से लिया गया है.
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