अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस: एजुकेशन के मामले में कहां है भारत, जानें दुनिया में कहां होती है सबसे अच्छी पढ़ाई

International Education Day: अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस के मौके पर हम आपको बता रहे हैं कि दुनिया के किन देशों में सबसे अच्छा एजुकेशन सिस्टम है. इस मामले में अमेरिका पहले नंबर पर नहीं है.

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International Education Day: सबसे अच्छी शिक्षा कहां मिलती है

International Education Day: हर साल 24 जनवरी को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया जाता है. शिक्षा को बढ़ावा देने और उसकी गुणवत्ता को सुधारने के लिए दुनियाभर में इस दिन कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. किसी भी देश में गरीबी और लैंगिक समानता जैसी चीजों से लड़ने के लिए शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार होता है. संयुक्त राष्ट्र भी इसे हर किसी का बुनियादी अधिकार बताता है. ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि शिक्षा व्यवस्था के मामले में भारत किस रैंक पर है और दुनिया के किस देश में सबसे बेहतर शिक्षा मिलती है. 

शिक्षा के मामले में कौन सा देश है सबसे ऊपर?

युवाओं को हर मामले में शिक्षा की एक मजबूद प्रणाली देने के मामले में डेनमार्क सबसे ऊपर है. यहां एजुकेशन क्वालिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर कमाल का है, यही वजह है कि इसे www.usnews.com ने नंबर 1 पर रखा है. इसमें बताया गया है कि यहां तनावमुक्त शिक्षा के अलावा सीखने का बेहतर माहौल मिलता है. यहां का फोल्केस्कोले एजुकेशन मॉडल काफी चर्चा में रहता है. डेनमार्क के बाद स्वीडन इस मामले में दूसरे नंबर पर है, वहीं सबसे अच्छी शिक्षा के मामले में अमेरिका का तीसरा नंबर है. 

भारत की कौन सी रैंक?

यूएस न्यूज एंड वर्ल्ड रिपोर्ट में भारत को 54वीं रैंक दी गई थी. यानी सबसे बेहतर एजुकेशन मॉडल के मामले में भारत बाकी देशों से अब भी काफी पीछे है. हालांकि भारत इस पर लगातार काम कर रहा है और न्यू एजुकेशन पॉलिसी इसी तरफ उठाया गया एक कदम है. जनसंख्या के मामले में भारत दुनिया के इन तमाम देशों में काफी ऊपर है, ऐसे में शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई तरह की चुनौतियां भी हैं. खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए काफी मेहनत करनी होगी. 

ये रही टॉप-10 की लिस्ट 

  1. डेनमार्क
  2. स्वीडन
  3. यूनाइटेड किंगडम
  4. फिनलैंड
  5. जर्मनी
  6. कनाडा
  7. नॉर्वे
  8. जापान
  9. स्विट्जरलैंड
  10. ऑस्ट्रेलिया

शिक्षा व्यवस्था में क्या है अंतर?

विदेशों और भारत की शिक्षा व्यवस्था में कई बड़े अंतर हैं. विदेशों का एजुकेशन मॉडल स्किल पर ज्यादा ध्यान देता है, वहीं भारत में परीक्षाओं का बोझ छात्रों पर ज्यादा होता है. दूसरे देशों में छात्रों को हर महीने एसेस किया जाता है, यानी उनका मूल्यांकन लगातार होता है. इसके अलावा उन्हें अपनी पसंद का सब्जेक्ट पढ़ने और बाकी चीजों की पूरी आजादी होती है. विकसित देशों के स्कूलों में रट्टामार पढ़ाई का कॉन्सेप्ट काफी कम होता है. 

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