भारत के मुकाबले कहां है पाकिस्तान का एजुकेशन बजट, नोबेल विजेता मलाला ने भी जताई थी चिंता

Pakistan Education Budget: भारत ने अपने एजुकेशन बजट में बढ़ोतरी की है और कई तरह के ऐलान भी हुए हैं. वहीं पाकिस्तान ने अपना एजुकेशन बजट कम कर दिया था, जिसे लेकर सरकार की खूब आलोचना भी हुई.

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Education Budget: भारत और पाकिस्तान का एजुकेशन बजट

Pakistan Education Budget: भारत सरकार ने इस साल का बजट पेश कर दिया है, जिसमें कई सेक्टर्स के लिए फंड दिया गया है. एजुकेशन सेक्टर में भी कई तरह के ऐलान हुए हैं, जिसमें कंटेंट क्रिएशन से लेकर एआई और हायर एजुकेशन को लेकर बजट तय किया गया है. हर साल की तरह इस साल भी एजुकेशन का बजट बढ़ाया गया है और इसमें करीब 8.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. इस बार एजुकेशन सेक्टर को  1 लाख, 39 हजार, 289 करोड़ का बजट दिया गया है. ऐसे में आज हम आपको पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के एजुकेशन बजट के आंकड़े बताने जा रहे हैं, जिन्हें देखकर आप हैरान रह जाएंगे. 

कितना बढ़ा भारत का एजुकेशन बजट?

भारत का एजुकेशन बजट पिछले साल यानी 2025 के मुकाबले करीब 10 हजार करोड़ बढ़ गया है. पिछले साल एजुकेशन सेक्टर के लिए सरकार ने कुल  1 लाख, 28 हजार, 650 करोड़ रुपये आवंटित किए थे. वहीं इससे पहले भी हर साल शिक्षा पर भारत ने खूब पैसा लगाया है. 

पाकिस्तान में कितना है बजट?

भारत के बजट के मुकाबले पाकिस्तान का बजट करीब तीन गुना कम है. भारत ने इस साल करीब 50 लाख करोड़ का बजट जारी किया है, जिसके मुकाबले पाकिस्तान का पिछले साल का बजट महज 17.6 लाख करोड़ था. एजुकेशन सेक्टर की बात करें तो जहां भारत लगातार इस क्षेत्र में पैसा लगा रहा है, वहीं पाकिस्तान इसे बढ़ाने की बजाय कम करने में लगा है. 

डेली पार्लियामेंट टाइम्स और Malala.Org के मुताबिक आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जो बजट पेश किया, उसमें शिक्षा बजट में भारी और अप्रत्याशित कटौती की गई. पिछले वित्त वर्ष में आवंटित 103.8 अरब रुपये से इसे कम करके 58 अरब रुपये कर दिया गया है. यानी पाकिस्तान ने एजुकेशन बजट 44% की कटौती की गई. 

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि शिक्षा के क्षेत्र के लिए पाकिस्तान ने अपनी कुल GDP का केवल 1.7 से 1.9 प्रतिशत हिस्सा खर्च किया है. अब कुल बजट में एजुकेशन सेक्टर का हिस्सा महज 0.33 प्रतिशत रह गया है. यानी पाकिस्तान सरकार के लिए शिक्षा प्राथमिकता नहीं है. 

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मलाला यूसुफजई ने जताई चिंता

नोबेल विजेता और मालाला फंड की को-फाउंडर मलाला यूसुफजई ने इस बजट को लेकर निराशा जाहिर की थी. उन्होंने कहा था कि "मैं इस बात से निराश हूं कि संघीय बजट लड़कियों के भविष्य में पर्याप्त निवेश नहीं कर रहा है. मैं उन 60 लाख पाकिस्तानी लड़कियों को लेकर चिंतित हूं जो अपनी माध्यमिक शिक्षा से वंचित हैं."

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