IIM नागपुर में एक पूल पार्टी अब बड़े विवाद की वजह बन गई है. MBA के कुछ फर्स्ट ईयर स्टूडेंट्स के लिए ये पार्टी मस्ती नहीं बल्कि मुसीबत बन गई. बताया जा रहा है कि रिजॉर्ट में हुई एक पूल पार्टी में शामिल होने के बाद करीब 70 से 75 स्टूडेंट्स को मिड टर्म एग्जाम देने से रोक दिया गया. जैसे ही ये खबर कैंपस में फैली वैसे ही बाकी स्टूडेंट्स में नाराजगी बढ़ गई. मामला इतना बढ़ा कि लगभग 400 स्टूडेंट्स ने इस फैसले के खिलाफ साइलेंट प्रोटेस्ट शुरू कर दिया.
फेयरवेल पार्टी में शामिल हुए थे स्टूडेंट्स
दरअसल 14 फरवरी को सेकेंड ईयर बैच के फेयरवेल के लिए एक ऑफ कैंपस पूल पार्टी रखी गई थी. इस पार्टी में फर्स्ट और सेकेंड ईयर दोनों बैच के MBA स्टूडेंट्स शामिल हुए थे. कई स्टूडेंट्स रातभर कैंपस से बाहर रहे और अगले दिन वापस लौटे. कैंपस पहुंचते ही उन्हें गेट पर रोका गया जिससे मामला और गंभीर हो गया.
एग्जाम से रोके जाने पर बढ़ी नाराजगी
इसके बाद इंस्टिट्यूट की तरफ से फर्स्ट ईयर स्टूडेंट्स को मेल भेजकर बताया गया कि उन्हें 24 फरवरी से शुरू होने वाले मिड टर्म एग्जाम में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी. इस फैसले के बाद स्टूडेंट्स ने विरोध जताया और एग्जाम बॉयकॉट करने की चेतावनी तक दे डाली. कैंपस में माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया.
बाद में प्रशासन ने स्थिति की साफ की तस्वीर
बढ़ते विरोध के बाद इंस्टिट्यूट मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई सिर्फ उन फर्स्ट ईयर स्टूडेंट्स पर होगी जिन्होंने बिना अनुमति पार्टी में हिस्सा लिया था. सेकेंड ईयर स्टूडेंट्स अपने फाइनल एग्जाम दे सकेंगे. जिन स्टूडेंट्स के पास पहले से परमिशन थी उनके खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया जाएगा. साथ ही फर्स्ट ईयर के जिन स्टूडेंट्स पर कार्रवाई हुई है उनके एग्जाम बाद में कराए जाएंगे.
कैंपस नियमों को लेकर भी उठे सवाल
इंस्टिट्यूट के नियमों के अनुसार MBA स्टूडेंट्स को कैंपस में रहना जरूरी है और रात 10 बजे के बाद बाहर रहने की परमिशन नहीं होती. स्टूडेंट्स ने रजिस्टर में घर जाने की एंट्री की थी लेकिन वो पार्टी में शामिल हो गए. वहीं कुछ फीमेल स्टूडेंट्स के पैरेंट्स को कॉल करने के फैसले को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है.
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