IIT दिल्ली में कैसे मिलता है एडमिशन, जानें कितनी जाती है JEE की कटऑफ

IIT Delhi Admission Process: आईआईटी दिल्ली में एडमिशन पाना बिल्कुल भी आसान नहीं होता है. हर साल यहां तगड़ा कॉम्पटिशन देखने को मिलता है. टॉप ब्रांच जैसे CSE के लिए ऑल इंडिया में तगड़ा परफॉर्मेंस करना पड़ता है. JoSAA काउंसलिंग के जरिए सीट अलॉट होती है. जानिए पूरी प्रोसेस..

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IIT दिल्ली में एडमिशन

IIT Delhi Admission Process: इंजीनियर बनने का सपना देखने वाले लाखों स्टू़डेंट्स की फर्स्ट चॉइस IIT दिल्ली होती है. देश के 23 आईआईटी में इसकी अलग ही पहचान है. नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) 2025 में आईआईटी दिल्ली ने इंजीनियरिंग कैटेगरी में सेकेंड और ओवरऑल में चौथी पोजिशन हासिल की. यही वजह है कि यहां एडमिशन के लिए हर साल रिकॉर्ड तोड़ कॉम्पिटिशन देखने को मिलता है. आइए जानते हैं इसमें एडमिशन कैसे मिलता है और कटऑफ कितनी जाती है.

IIT दिल्ली में कौन-कौन सी ब्रांच है

आईआईटी दिल्ली में करीब 22 बीटेक कोर्स उपलब्ध हैं. इनमें से कुछ पॉपुलर कोर्स कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (CSE), इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग और इंजीनियरिंग फिजिक्स है. 

IIT दिल्ली में एडमिशन कैसे मिलता है

1. आईआईटी दिल्ली में सीधे एडमिशन नहीं मिलता है. इसके लिए दो बड़े एग्जाम क्लियर करने होते हैं. सबसे पहले आपको जेईई मेन (JEE Main) एग्जाम देना होता है. इस परीक्षा में अच्छा स्कोर लाने वाले ही अगले स्टेप के लिए क्वालिफाई करते हैं. 

2. इसके बाद जेईई एडवांस्ड (JEE Advanced) की बारी आती है. आईआईटी दिल्ली समेत सभी IIT में एडमिशन इसी रैंक के आधार पर मिलता है.

3. रैंक आने के बाद आपको JoSAA (Joint Seat Allocation Authority) की काउंसलिंग में हिस्सा लेना होता है. यहीं ब्रांच और कॉलेज अलॉट होते हैं.

IIT दिल्ली में कितनी सीटें हैं 

JoSAA के हालिया डेटा के मुताबिक, बीटेक प्रोग्राम में करीब 1083 सीटें हैं. कुल सीटों की संख्या (अन्य प्रोग्राम मिलाकर) करीब 1239 सीटें हैं. हर ब्रांच की सीट अलग-अलग होती है. कंप्यूटर साइंस जैसी ब्रांच में सीट कम और मुकाबला ज्यादा होता है.

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IIT दिल्ली की कटऑफ कितनी जाती है?

अगर आप बीटेक सीएसई (BTech CSE) जैसी टॉप ब्रांच चाहते हैं, तो आपकी ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1 से 120 के अंदर होनी चाहिए. आमतौर पर 360 में से करीब 250-290 अंक लाने पर ऐसी रैंक मिल सकती है. यह हर साल पेपर के लेवल पर डिपेंड करता है. दूसरी ब्रांच में रैंक थोड़ी पीछे तक जा सकती है, लेकिन टॉप IIT में एडमिशन के लिए रैंक जितनी बेहतर होगी.

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