चीन ने पहली बार पृथ्वी-चंद्रमा दूरी-पैमाने पर उपग्रह लेजर रेंजिंग में सफलता प्राप्त की

डीआरओ-ए उपग्रह एकल-कोने वाले शंकु परावर्तक और 1.2 मीटर व्यास वाले टेलीस्कोप ग्राउंड लेजर रेंजिंग प्रणाली के माध्यम से लगभग 3.5 लाख किलोमीटर की दूरी पर एक नई उपग्रह लेजर रेंजिंग तकनीक का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है.

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नई दिल्ली:

Earth Moon Distance-Scale Satellite: चीनी विज्ञान अकादमी (सीएएस) के अंतरिक्ष अनुप्रयोग इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी केंद्र (सीएसयू) के मुताबिक, सीएएस की "पृथ्वी-चंद्रमा अंतरिक्ष में डीआरओ अन्वेषण अनुसंधान" परियोजना टीम ने डीआरओ-ए उपग्रह एकल-कोने वाले शंकु परावर्तक और 1.2 मीटर व्यास वाले टेलीस्कोप ग्राउंड लेजर रेंजिंग प्रणाली के माध्यम से लगभग 3.5 लाख किलोमीटर की दूरी पर एक नई उपग्रह लेजर रेंजिंग तकनीक का सफलतापूर्वक परीक्षण किया. यह पहली बार है कि चीन ने पृथ्वी-चंद्रमा दूरी पैमाने पर उपग्रह लेजर रेंजिंग में सफलता प्राप्त की है.

चीन की टेक्नोलॉजी 

इस नई प्रौद्योगिकी प्रयोग का आयोजन व कार्यान्वयन सीएएस के सीएसयू द्वारा किया गया. शांगहाई खगोलीय वेधशाला उपग्रह-जनित परावर्तक के अनुसंधान व विनिर्माण के लिए जिम्मेदार है, युन्नान खगोलीय वेधशाला भू-आधारित लेजर रेंजिंग प्रणाली के अनुसंधान व विनिर्माण के लिए जिम्मेदार है और चीन का सूक्ष्म उपग्रह नवप्रवर्तन अनुसंधान संस्थान उपग्रह प्लेटफॉर्म के अनुसंधान व विनिर्माण के लिए जिम्मेदार है.

भविष्य में संबंधित वैज्ञानिक अनुसंधान दल अवलोकन में भाग लेने के लिए अधिक खगोलीय वेधशालाओं का आयोजन करेंगे, रेंजिंग प्रणाली के प्रदर्शन में सुधार जारी रखेंगे और एकल-कोने वाले शंकु परावर्तक के डिजाइन को अनुकूलित करेंगे. इससे पृथ्वी-चंद्र अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में चीन की तकनीकी बढ़त और मजबूत होगी.
 

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