CBSE Class 12 Physics Exam: CBSE की बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं, ऐसे में छात्र जमकर तैयारी कर रहे हैं और टारगेट है कि किसी भी हाल में अच्छे मार्क्स लाने हैं. हालांकि इसी बीच कुछ क्वेश्चन पेपर्स ने छात्रों की हवाइयां उड़ा दी हैं. पहले सीबीएसई के गणित के एग्जाम को लेकर छात्र परेशान रहे, वहीं अब 12वीं के फिजिक्स क्वेश्चन पेपर को लेकर सवाल उठ रहे हैं. एग्जाम में आउट ऑफ सिलेबस सवाल और काफी कठिन सवालों के चलते अब ये मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच चुका है. हाईकोर्ट में दाखिल पीआईएल में कहा गया है कि फिजिक्स परीक्षा में पूछे गए सवाल JEE लेवल के थे. आइए जानते हैं कि पूरा मुद्दा क्या है और क्वेश्चन पेपर में ऐसा क्या था, जिसके चलते कई पेरेंट्स भी परेशान हैं.
पेरेंट्स को सता रहा डर
सीबीएसई 12वीं का ये एग्जाम 20 फरवरी को हुआ था, लेकिन सोशल मीडिया पर अब इसे लेकर सवाल तेज हो गए हैं. पेरेंट्स को डर है कि इस एक सब्जेक्ट के चलते उनके बच्चों की मार्कशीट खराब हो सकती है. इस मामले को देखते हुए एक टीचर ने हाईकोर्ट का रुख किया है और छात्रों के साथ इंसाफ की मांग की है.
फिजिक्स एग्जाम को लेकर क्यों उठ रहे सवाल?
CBSE के फिजिक्स एग्जाम को लेकर सबसे बड़ा सवाल ये है कि इसमें जो सवाल थे, वो सैंपल पेपर से बिल्कुल अलग लेवल के थे और पैटर्न भी काफी अलग था. ऐसे कई सवाल जेईई जैसी बड़ी परीक्षाओं में पूछे जाते हैं. सवालों को घुमाकर पूछा गया था और दावा है कि कुछ सवाल सिलेबस से बाहर के भी थे. याचिका दायर करने वाले टीचर का कहना है कि इतने कठिन सवाल नहीं पूछे जाने चाहिए थे.
क्या दोबारा होगी परीक्षा?
अब सवाल है कि हाईकोर्ट में ये मामला जाने पर क्या होगा, कुछ लोगों का कहना है कि दोबारा परीक्षा हो सकती है. हालांकि ऐसा कुछ नहीं है, हाईकोर्ट में अब तक इस मामले की सुनवाई नहीं हुई है. ऐसे मामलों में बच्चों की मार्कशीट पर असर न पड़े, इसके लिए ग्रेस मार्क्स की व्यवस्था की जाती है. इसे लेकर पहले से ही नियम तय हैं.
अगर किसी छात्र को लगता है कि क्वेश्चन पेपर में कोई सवाल आउट ऑफ सिलेबस है या फिर गलत तरह से पूछा गया है तो उसे तुरंत एग्जामिनर को इसकी जानकारी देनी होती है. इसके बाद सेंटर उसी दिन इस शिकायत को बोर्ड के पास भेजते हैं. शिकायत सही पाए जाने पर ऐसे सवालों के लिए ग्रेस मार्क्स दिए जाते हैं. फिलहाल देखना होगा कि हाईकोर्ट इस मामले में क्या आदेश जारी करता है.