CBSE 10वीं की परीक्षा होगी साल में दो बार, स्कोर कैसे होगा कैलकुलेट? हर सवाल का जवाब

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2026 शैक्षणिक वर्ष से कक्षा 10 के लिए साल में दो बोर्ड परीक्षा आयोजित करने की तैयारी कर ली है. बोर्ड ने इसके लिए मसौदा मानदंडों को मंजूरी दे दी है.

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CBSE Class 10th बोर्ड एग्जाम (प्रतीकात्मक फोटो)
नई दिल्ली:

अगर आपको 10वीं क्लास के CBSE बोर्ड एग्जाम में शामिल होने का साल में दो मौका मिले तो? दोनों मौकों में से जिसमें आपने ज्यादा अच्छा स्कोर किया हो, सिर्फ वो स्कोर काउंट हो तो? जल्द ही हमारी यह ख्याली पुलाव सी लगने वाली बात सच होने जा रही है. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2026 शैक्षणिक वर्ष से कक्षा 10 के लिए साल में दो बोर्ड परीक्षा आयोजित करने की तैयारी कर ली है. बोर्ड ने इसके लिए मसौदा मानदंडों (ड्राफ्ट नॉर्म्स) को मंजूरी दे दी है. जनता से राय लेने के बाद जल्द ही इसे लागू किया जाएगा.

अब आपके मन में यह सवाल उठ सकते हैं कि साल में कब-कब ये एग्जाम होंगे? स्कोर कैसे कैलकुलेट किया जाएगा? किस सब्जेक्ट के लिए कितना दिन दिया जाएगा? क्या एक एग्जाम देने के बाद सब्जेक्ट बदला जा सकेगा? अगर दूसरे एग्जाम में पहले एग्जाम कि तुलना में कम मार्क्स आते हैं तो कौन सा काउंट होगा? बोर्ड ने यह फैसला क्यों लिया है?

चलिए इन सभी सवालों का सटीक और सीधा जवाब आपको इस Q&A में देते हैं.

Q: साल 2026 में 10वीं क्लास के CBSE बोर्ड एग्जाम कब होंगे?

ड्राफ्ट के अनुसार, अगले साल कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा का पहला चरण 17 फरवरी से 6 मार्च तक आयोजित किया जाएगा. जबकि दूसरा 5 मई से 20 मई तक आयोजित किया जाएगा. अभी 10वीं की परीक्षा एक बार में ही 32 दिनों में पूरी की जा सकती है. लेकिन अगले साल से साल में दो एग्जाम होंगे और दोनों चरणों को मिला दें तो 16+18= 34 दिनों में एग्जाम पूरा कराया जाएगा.

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यानी इसका मतलब यह भी है कि छात्रों को उनके सब्जेक्ट सेलेक्शन के आधार पर दो पेपरों के बीच केवल एक या दो दिन ही मिलेंगे. जबकि अभी दो पेपर के बीच गैप पांच या 10 दिनों तक भी हो जाता है.

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पहले और दूसरे एग्जाम के सेंटर एक ही होंगे.

Q: दो एग्जाम होने का क्या मतलब है?

दो एग्जाम का मतलब यह नहीं है कि सेमेस्टर जैसे आधे-आधे सिलेबस का दो बार एग्जाम लिया जाएगा. तय किया गया है कि दोनों ही बार पूरे सिलेबस और पूरे टेक्स्टबुक के आधार पर एग्जाम लिया जाएगा. आप बस यह समझिए कि आपको दो बार एग्जाम में बैठने का मौका मिल रहा है.

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Q: क्या दोनों परीक्षा में बैठना अनिवार्य है या चुनने का विकल्प होगा?

2026 में 10वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन इस साल सितंबर तक पूरा हो जाएगा. इसी वक्त छात्रों को यह बताना होगा कि वे दोनों परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं या सिर्फ पहली या दूसरी परीक्षा में. रजिस्ट्रेशन के समय ही आपको ऑप्शनल सब्जेक्ट बताने होंगे. इसके बाद इसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है. साथ ही रजिस्ट्रेशन के बाद किसी नए बच्चे को पेपर में बैठने की इजाजत भी नहीं मिलेगी.

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अप्रैल में पहली परीक्षा के रिजल्ट आ जाएंगे. इसके बाद केवल वही छात्र दूसरी बोर्ड परीक्षा में बैठ पाएंगे जिन्होंने रजिस्ट्रेशन के समय ऐसा विकल्प चुना था. यहां भी उनके पास विकल्प होगा. वे जिन पेपर में चाहे दोबारा एग्जाम देंगे और जिसमें चाहेंगे नहीं देंगे. 

चलिए एक और उदाहरण देते हैं. मान लीजिए आपने पहले एग्जाम में इंग्लिश में 70 नंबर लाए और आपको लगा कि मैं चाहे जो कर लूं इससे ज्यादा नहीं ला सकता तो आप दूसरे एग्जाम में इंग्लिश का पेपर नहीं देने का विकल्प चुन सकते हैं. 


Q: दो एग्जाम हैं तो स्कोर कैसे कैलकुलेट होगा?

जवाब एकदम सिंपल है. बस यह समझ लीजिए कि आप पूरे सिलेबस का दो बार एग्जाम दे रहे हैं और जिसमें भी आपने बेस्ट परफॉर्मेंस दी होगी, वो स्कोर काउंट किया जाएगा. चलिए उदाहरण से समझते हैं. मान लीजिए आपने पहले एग्जाम में इंग्लिश में 70 नंबर लाए और दूसरे में 69 नंबर. ऐसे में इंग्लिश सब्जेक्ट के लिए आपके पहले एग्जाम का 70 नंबर ही काउंट किया जाएगा.

Q: फाइनल रिजल्ट कब आएगा?

20 अप्रैल 2026 को पहली परीक्षा के रिजल्ट आएंगे. यह रिजल्ट डिजीलॉकर पर उपलब्ध कराए जाएंगे, और यदि छात्र दूसरी परीक्षा में शामिल नहीं होने का विकल्प चुनते हैं तो वे 11वीं में एडमिशन के लिए इसका उपयोग कर सकते हैं. इस बात का ध्यान रखें कि पहली परीक्षा के बाद "पासिंग डॉक्यूमेंट" जारी नहीं किए जाएंगे. इन्हें दूसरी परीक्षा के रिजल्ट घोषित होने के बाद ही जारी किया जाएगा. दूसरी परीक्षा के साथ फाइनल रिजल्ट 30 जून तक जारी कर दिए जाएंगे.


 Q: CBSE दो बार एग्जाम क्यों ले रही?

ड्राफ्ट में लिखा गया है कि कोचिंग क्लासेज की आवश्यकता को खत्म करने के लिए बोर्ड और एन्ट्रेंस परीक्षाओं की मौजूदा प्रणाली में सुधार किया गया है. अभी के असेसमेंट सिस्टम यानी मूल्यांकन की प्रणाली के इन हानिकारक प्रभावों को खत्म करने के लिए, बच्चों के समग्र विकास को प्रोत्साहित करने के लिए बोर्ड परीक्षाओं को नया स्वरूप दिया जाएगा.

आखिर में एक बात और. अभी ये ड्राफ्ट है यानी मसौदा. इसपर जनता की राय लेने के बाद उसके आधार पर फिर से इसे रिव्यू किया जाएगा और फिर इसे फाइनल किया जाएगा.

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