बोर्ड परीक्षाओं के बीच रद्द हो गई नोएडा के इस स्कूल की मान्यता, अब यहां पढ़ रहे छात्रों का क्या होगा?

Noida School Affiliation: CBSE की तरफ से उत्तराखंड पब्लिक स्कूल प्रशासन के खिलाफ मिली शिकायतों के बाद ये कार्रवाई की गई है. इसमें बोर्ड ने ये भी बताया है कि पढ़ रहे छात्रों के भविष्य का क्या होगा.

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CBSE ने रद्द की नोएडा के स्कूल की मान्यता

Noida School Affiliation: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने नोएडा के एक बड़े स्कूल की मान्यता रद्द कर दी है. बोर्ड को उत्तराखंड पब्लिक स्कूल प्रशासन के खिलाफ लगातार कई गंभीर शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद स्कूल पर ये एक्शन लिया गया है. ये स्कूल नोएडा के सेक्टर 56 में स्थित है. सीबीएसई की तरफ से बताया गया है कि जांच के बाद ही स्कूल के खिलाफ ये कार्रवाई की गई है. अब स्कूल की मान्यता रद्द होने के बाद सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर यहां पढ़ने वाले सैकड़ों बच्चों के भविष्य का क्या होगा? नोएडा के उत्तराखंड पब्लिक स्कूल में करीब 1500 छात्र पढ़ रहे हैं. 

मान्यता क्यों हुई रद्द?

नोएडा के इस स्कूल के खिलाफ शिकायतों में सबसे बड़ी शिकायत स्कूल के शिक्षकों और कर्मचारियों ने की थी. जिसमें मानसिक उत्पीड़न, वेतन में कटौती और गलत व्यवहार के आरोप लगाए गए थे. इन आरोपों की जांच के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) और सिटी मजिस्ट्रेट की एक कमेटी बनाई गई थी. जांच रिपोर्ट में स्कूल के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप सही पाए गए, जिसके बाद अब मान्यता रद्द की गई है. 

स्कूल में पढ़ रहे छात्रों का क्या होगा?

बोर्ड की तरफ से इस बात का भी जवाब दिया गया है कि स्कूल में पढ़ रहे छात्रों के भविष्य का क्या होगा. इसे लेकर कहा गया है कि स्कूल में नए एडमिशन और कक्षा 9वीं और 11वीं के छात्रों को प्रमोट करने पर रोक रहेगी. बोर्ड परीक्षा देने वाले 10वीं और 12वीं के छात्रों को 2025-26 का सत्र पूरा करने की इजाजत दी गई है. इस आदेश में कहा गया है कि 9वीं और 11वीं के छात्रों को 31 मार्च तक दूसरे CBSE स्कूलों में एडमिशन दिया जाएगा. वहीं कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को लेकर फिलहाल फैसला नहीं लिया गया है. 

क्या हमेशा के लिए खत्म हो गई मान्यता?

सीबीएसई की तरफ से अनियमितताओं और शिकायतों के बाद ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है. हालांकि हमेशा के लिए स्कूल की मान्यता रद्द नहीं होती है. दो साल तक स्कूल को दोबारा मान्यता का आवेदन करने की इजाजत नहीं होती है. दो साल बाद स्कूल को इस शर्त पर मान्यता दी जा सकती है कि वो दोबारा वो चीजें नहीं करेगा, जिसकी वजह से उसके खिलाफ एक्शन लिया गया था. 

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