कॉपी कैसे चेक हुई, कैसे मिले नंबर? CBSE के ऑन स्क्रीन मार्किंग को लेकर छात्रों के 10 सवाल और उनके जवाब

CBSE On Screen Marking FAQ: CBSE 12वीं रिजल्ट CBSE के डिजिटल ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर उनके मन में कई तरह के सवाल भी हैं. अगर आपके भी मार्क्स कम आए हैं या आप किसी सवाल का जवाब चाहते हैं, तो इस आर्टिकल में जानिए 10 बड़े सवालों के जवाब.

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CBSE On Screen Marking FAQ: ऑन स्क्रीन मार्किंग को लेकर हर सवाल का जवाब

CBSE Copy Checking Questions Answers: सीबीएसई 12वीं बोर्ड के रिजल्ट आ चुके हैं, लेकिन मार्किंग को लेकर बवाल मचा हुआ है. वजह इस साल CBSE 12वीं का रिजल्ट पिछले 7 सालों में सबसे कम (85.20%) रहा है. इस गिरावट के बाद से ही स्टूडेंट्स और पेरेंट्स टेंशन में हैं. खासकर उन छात्रों की चिंता बढ़ गई है, जो जेईई मेन (JEE Main) में तो शानदार परसेंटाइल ले आए, लेकिन बोर्ड में 75% का क्राइटेरिया पार नहीं कर पाए. नंबर कम आने के पीछे सबसे बड़ा विलेन ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को बताया जा रहा है. सोशल मीडिया पर तो कॉपियां चेक करने में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के इस्तेमाल तक के आरोप लग रहे हैं. ऐसे में छात्र अपनी मार्कशीट और कॉपी चेकिंग को लेकर उलझन में है. यहां जानिए छात्रों के इससे जुड़े 10 बड़े सवाल और उनके जवाब.

Q1. ये ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) क्या है?

जवाब: ये पेन-कागज के बजाय कंप्यूटर स्क्रीन पर स्कैन की गई कॉपियों का मूल्यांकन करने का एक नया तरीका है. इसमें टीचर्स के सामने आपकी कॉपी नहीं होती, बल्कि कंप्यूटर स्क्रीन पर उसकी डिजिटल कॉपी होती है, जिसे देखकर वे चेक करते हैं.

Q2. मेरी कॉपी चेक कैसे हुई और मुझे नंबर कैसे मिले?

जवाब: एग्जाम खत्म होने के बाद आपकी कॉपी को हाई-रिजॉल्यूशन स्कैनर्स से स्कैन किया गया और उन्हें डिजिटल रूप में बदला गया. इसके बाद इन डिजिटल कॉपियों को सुरक्षित तरीके से इवैल्यूएटर्स को कंप्यूटर पर भेजा गया. टीचर्स ने स्क्रीन पर आपके उत्तरों को पढ़ा और बोर्ड की मार्किंग स्कीम के आधार पर सीधे सिस्टम में ही नंबर दिए.

Q3. क्या मेरी कॉपी इंसानों ने नहीं, बल्कि AI या किसी ने भी चेक कर ली?

जवाब: बिल्कुल नहीं. कॉपियां चेक करने में AI का इस्तेमाल नहीं हुआ है. सेफ्टी और प्राइवेसी का पूरा ध्यान रखा गया है. आपकी कॉपी सिर्फ CBSE द्वारा चुने गए और ट्रेंड परीक्षकों ने ही चेक की हैं. उन्हें एक सुरक्षित डिजिटल सिस्टम के माध्यम से ही ये कॉपियां अलॉट की जाती हैं.

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Q4. क्या इस बार मार्किंग बहुत सख्त थी? रिजल्ट गिरने की क्या वजह है?

जवाब: हां, आंकड़ों को देखें तो इस साल पास परसेंटेज में पिछले 7 साल की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई है. पिछले साल के 88.39% से घटकर रिजल्ट सीधा 85.20% पर आ गया है. इसके पीछे कॉपियों का बेहद कड़ा वैल्यूएशन या फिर टीचर्स और सिस्टम के लिए यह नया सिस्टम होना एक बड़ी वजह हो सकती है.

Q5. क्या कंप्यूटर से कॉपी चेक करने में कोई गलती या नंबर छूटने की गुंजाइश है?

जवाब: तकनीकी तौर पर यह सिस्टम ऑटोमेटेड है, जो कुल नंबर्स जोड़ने की गलतियों को पूरी तरह खत्म कर देता है. जब तक हर पेज और आंसर पर नंबर न चढ़ें, सॉफ्टवेयर आगे नहीं बढ़ता. लेकिन, इस साल कई सेंटर्स से स्क्रीन ब्लर होने, कॉपियों की खराब स्क्रीनिंग या सर्वर डाउन होने जैसी शिकायतें भी आईं, जिससे कुछ कॉपियों के अनचेक (बिना चेक हुए) या सेमी-चेक (अधूरे चेक) रहने की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता है.

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Q6. शिक्षा विभाग ने कॉपियों में सुधार को लेकर क्या कहा है?

जवाब: स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार के मुताबिक, कुल चेक हुई करीब 98 लाख कॉपियों में से करीब 13,000 कॉपियों में शुरुआत में सुधार और समीक्षा की जरूरत पाई गई थी. OSM सिस्टम उन्हें सही से प्रोसेस नहीं कर पा रहा था. हालांकि, बोर्ड का दावा है कि बाद में इन सभी मामलों की जांच एक मैनुअल चेकिंग प्रक्रिया (हाथ से दोबारा जांच) के जरिए करके ठीक कर दिया गया था.

Q7. क्या CBSE के अलावा कोई और भी इस सिस्टम का इस्तेमाल करता है?

जवाब: हां, ऑन-स्क्रीन मार्किंग कोई बिल्कुल नया प्रयोग नहीं है. CBSE ने खुद इसे 2014 में आजमाया था, लेकिन तब इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी से रोक दिया गया था. आज के समय में मुंबई यूनिवर्सिटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU), विश्वेश्वरैया यूनिवर्सिटी, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) और इंटरनेशनल कैम्ब्रिज शिक्षा बोर्ड भी इसी डिजिटल तरीके से रिजल्ट तैयार करते हैं.

Q8. मुझे पूरा भरोसा है कि मेरा पेपर अच्छा गया था, लेकिन नंबर बहुत कम हैं, अब मैं क्या करूं?

जवाब: अगर आपके मार्क्स उम्मीद से कम आए हैं, तो परेशान न हों. आपके पास 19 मई से 22 मई के बीच री-वैल्यूएशन (Re-evaluation) के लिए ऑनलाइन अप्लाई करने का पूरा मौका है. CBSE के चेयरमैन राहुल सिंह ने भी कहा है कि जिन छात्रों को अपनी जांच में समस्या लगती है, वे इसके लिए अप्लाई जरूर करें.

Q9. क्या री-चेकिंग कराने में वाकई नंबर बढ़ते हैं?

जवाब: हां, बिल्कुल बढ़ते हैं. अगर बोर्ड की दोबारा जांच में आपकी कॉपी में कोई भी गलती, टोटलिंग मिस्टेक या बिना चेक हुआ उत्तर पाया जाता है, तो आपके नंबर पूरी निष्पक्षता से बढ़ाए जाते हैं. इतना ही नहीं, अगर आपकी शिकायत सही पाई जाती है, तो बोर्ड द्वारा ली गई फीस भी वापस मिल सकती है.

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Q10. मैं अपनी चेक हुई कॉपी को खुद देखना चाहता हूं, उसकी स्कैन कॉपी कैसे मिलेगी?

जवाब: छात्रों की सुविधा के लिए इस बार नियमों को आसान किया गया है. आप 19 मई से 22 मई तक ऑनलाइन अप्लाई करके अपनी चेक हुई कॉपी की स्कैन कॉपी पा सकते हैं. इसके लिए इस बार फीस भी कम की गई है, जो कि सिर्फ 100 रुपए सब्जेक्ट है. इसे देखकर आप खुद तय कर सकते हैं कि आपकी कॉपी सही से जांची गई है या नहीं.

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