मेयर नहीं, ये है BMC का सबसे ताकतवर पद; बजट से लेकर हर बड़े फैसले में रहता है रोल

BMC Election 2026 Result: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव नतीजे सामने आ रहे हैं, जिनमें बीजेपी की बड़ी जीत होती दिख रही है. शिवसेना के लंबे शासन के बाद अब मुंबई नगर निगम में दूसरी पार्टी दिख सकती है.

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BMC Election: बीएमसी में ताकतवर पद

BMC Election 2026: महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों का रिजल्ट सामने आ रहा है, जिसमें बीजेपी बड़ी जीत की तरफ बढ़ रही है. बीएमसी में भी बीजेपी का ही जलवा दिख रहा है. अब अगर नगर निकाय में भी बीजेपी की ही सरकार बन रही है तो ऐसे में मेयर भी उसी का हो सकता है, बीएमसी मेयर को काफी ताकतवर माना जाता है और इस पद के लिए दावेदारी भी बड़ी होती है. हालांकि बीएमसी में मेयर के अलावा एक ऐसा पद भी है, जिसकी ताकत सबसे ज्यादा होती है. आइए जानते हैं कि मेयर का चुनाव कैसे होता है और उनके अलावा तमाम बड़े फैसलों में शामिल होने वाला शख्स कौन होता है. 

पार्षदों की कितनी सैलरी

मुंबई नगर निगम के नगरसेवकों को कोई सैलरी नहीं मिलती है. उन्हें हर महीने एक तयशुदा मानदेय मिलता है. बीएमसी ने जुलाई 2017 में कारपोरेटर्स के मानदेय में बढ़ोतरी की थी. पहले नगर सेवकों को हर महीने 10 हजार रुपये मिलते थे,जिसे 2017 में बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रति माह कर दिया गया. साल 2010 के बाद से महंगाई बढ़ने के कारण ये फैसला लिया गया. 

कैसे होता है मेयर का चुनाव?

बीएमसी में अलग-अलग वार्डों से चुनकर कुल 227 पार्षद आते हैं, जिन्हें मुंबई में नगर सेवक या फिर कॉरपोरेटर कहा जाता है. जिस पार्टी का बहुमत होता है, वही मेयर पद की उम्मीदवारी में सबसे बड़ी दावेदार होती है. नगर निकाय चुनाव में जीतकर आने वाले पार्षद ही मेयर का चुनाव करते हैं. मेयर का कार्यकाल 2.5 साल का होता है, वहीं पार्षद 5 साल के लिए चुने जाते हैं. एक मेयर का कार्यकाल पूरा होने के बाद दूसरे मेयर का चुनाव होता है. 

बीएमसी में कौन है सबसे ज्यादा ताकतवर?

BMC में भले ही मेयर का पद सबसे बड़ा हो, लेकिन असली ताकत किसी और के पास होती है. सबसे अमीर नगर पालिका में दो विंग होती है, पहली राजनीतिक विंग और दूसरी प्रशासनिक विंग... राजनीतिक विंग के मुखिया मेयर होते हैं, वहीं प्रशासनिक विंग को नगर आयुक्त (Municipal Commissioner) हेड करते हैं. 

बीएमसी के बजट से होने वाले खर्च और बाकी नीतिगत फैसलों में नगर आयुक्त की सबसे अहम भूमिका होती है. यही वजह है कि इस पद पर बैठा IAS अधिकारी ही ज्यादा ताकतवर कहलाता है. नगर आयुक्त को राज्य सरकार ही नियुक्त करती है. 

क्यों अहम हैं बीएमसी चुनाव?

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) देश ही नहीं, एशिया की सबसे अमीर नगर पालिका है. बीएमसी का बजट 75000 करोड़ रुपये है, जो भारत के कई छोटे राज्यों से भी ज्यादा है. करोड़ों रुपये के टेंडर और कामकाज संभालने वाली इस नगर पालिका में जीत दर्ज करना हर पार्टी का सपना होता है. आर्थिक राजधानी में हर छोटा-बड़ा काम संभालने वाले नगर निकाय में जो भी पार्टी सत्ता में होती है, उसका पूरी मुंबई में दबदबा रहता है. शिवसेना ने बीएमसी में लंबे वक्त तक राज किया है, लेकिन अब यहां बीजेपी का कब्जा होता दिख रहा है. 

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