Bihar Board 10th Topper: भोजपुर जिले के गड़हनी थाना क्षेत्र से एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जिसने यह साबित कर दिया है कि कठिन परिस्थितियां और सीमित संसाधन भी उस युवा हौसले को नहीं रोक सकते, जिसके भीतर आगे बढ़ने का जुनून हो. रामधनी हाई स्कूल की छात्रा नसरीन परवीन ने बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में 97.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. उन्होंने कुल 500 अंकों में से 486 अंक हासिल कर 10वां स्थान प्राप्त किया है. नसरीन की दूसरी बहन ने भी 430 अंक प्राप्त किए हैं.
चुनौती के बावजूद नहीं मानी हार
नसरीन की यह सफलता सामान्य उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास की एक जीवंत मिसाल है. एक ऐसे परिवार से आने वाली इस छात्रा ने, जहां रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी चुनौती होता है, अपनी लगन और अनुशासन के बल पर यह मुकाम हासिल किया है. उनकी इस उपलब्धि ने यह संदेश दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी बाधा रास्ते में दीवार बनकर नहीं खड़ी हो सकती.
राज मिस्त्री का काम करते हैं पिता
नसरीन परवीन के पिता अली हसन पेशे से एक राज मिस्त्री हैं. वे दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि परिवार के सभी सदस्यों की जरूरतें आसानी से पूरी हो सकें. कई बार ऐसे हालात भी आए, जब घर में आर्थिक तंगी के कारण जरूरी चीजों की व्यवस्था करना मुश्किल हो जाता था. लेकिन इन सबके बावजूद अली हसन ने अपनी बेटी की पढ़ाई को कभी रुकने नहीं दिया. उन्होंने सीमित संसाधनों में भी अपनी बेटी के सपनों को टूटने नहीं दिया.
रट्टा नहीं, किताबों को समझती थीं नसरीन
नसरीन की पढ़ाई के प्रति गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह नियमित रूप से स्कूल जाती थीं और घर लौटने के बाद भी कई घंटों तक पढ़ाई करती थीं. उन्होंने अपने समय का सही प्रबंधन किया और हर विषय को समझने पर विशेष ध्यान दिया. वह केवल रटने में विश्वास नहीं रखती थीं, बल्कि विषयों को गहराई से समझकर पढ़ाई करती थीं. यही कारण है कि उन्होंने इतने उत्कृष्ट अंक हासिल किए.
माता-पिता और टीचर्स को दिया श्रेय
अपनी इस सफलता का श्रेय नसरीन ने अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है. उनका कहना है कि परिवार का सहयोग और शिक्षकों का मार्गदर्शन उनके लिए सबसे बड़ी ताकत रहा. उन्होंने बताया कि उनके शिक्षक हमेशा उन्हें बेहतर करने के लिए प्रेरित करते थे और कठिन विषयों को सरल तरीके से समझाते थे. यही वजह रही कि उन्होंने हर विषय में अच्छा प्रदर्शन किया.
रामधनी हाई स्कूल के शिक्षकों और प्रबंधन ने भी नसरीन की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया है. शिक्षकों का कहना है कि नसरीन शुरू से ही एक मेधावी, अनुशासित और मेहनती छात्रा रही हैं. वह कक्षा में हमेशा सक्रिय रहती थीं और पढ़ाई के प्रति उनका समर्पण अन्य छात्रों के लिए एक उदाहरण है. स्कूल प्रबंधन ने कहा कि नसरीन की सफलता से पूरे विद्यालय का नाम रोशन हुआ है और यह अन्य छात्रों को भी प्रेरित करेगी.
परिवार की आर्थिक हालत सुधारने का है सपना
नसरीन ने बताया कि उनका सपना आगे चलकर उच्च शिक्षा प्राप्त करना है. वह अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारना चाहती हैं और समाज में एक सम्मानजनक स्थान हासिल करना चाहती हैं. उन्होंने यह भी कहा कि वह आगे चलकर कुछ ऐसा करना चाहती हैं, जिससे समाज के अन्य जरूरतमंद लोगों की भी मदद हो सके. उनका यह सोच उनकी परिपक्वता और संवेदनशीलता को दर्शाता है.
छात्रों को दिए टिप्स
उन्होंने अन्य छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि सफलता पाने के लिए नियमित पढ़ाई, समय का सही उपयोग और आत्मविश्वास बहुत जरूरी है. उन्होंने कहा कि असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए. उनका मानना है कि हर छात्र के भीतर कुछ खास करने की क्षमता होती है, बस जरूरत है उसे पहचानने और सही दिशा में मेहनत करने की.