Asha Bhosle: मशहूर भारतीय सिंगर आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन हो गया. उनके जाने से संगीत की दुनिया को बड़ा झटका लगा, क्योंकि पिछले करीब 8 दशकों से आशा लगातार इससे जुड़ी हुई थीं और इस क्षेत्र में तमाम बड़े अवॉर्ड भी उन्होंने अपने नाम किए. मुंबई में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया. आशा भोसले के जाने के बाद उनसे जुड़ी तमाम बातें लोग जानना चाहते हैं, ऐसे में आज हम आपको उन्हें मिलने वाली एक खास उपाधि के बारे में बताएंगे, जिसे ब्रिटेन की एक बड़ी यूनिवर्सिटी ने दिया था.
आशा भोसले को मिली थी 'मानद डॉक्टरेट' की उपाधि
ब्रिटेन की साल्फोर्ड यूनिवर्सिटी ने मशहूर गायिका आशा भोसले को संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान और आने वाली पीढ़ी को कला और मीडिया के लिए प्रेरित करने के लिए 'मानद डॉक्टरेट' (Honorary Doctor of Arts) की उपाधि से सम्मानित किया था. आशा भोसले ने भारतीय संगीत से करोड़ों लोगों को प्रेरित किया. उनके गानों की वजह से विदेश में रहने वाले भारतीयों को भी अपनी संस्कृति से जुड़ने का मौका मिल पाया. यही वजह थी कि उन्हें साल्फोर्ड यूनिवर्सिटी ने ये सम्मान दिया.
साल्फोर्ड यूनिवर्सिटी की तरफ से सम्मानित किए जाने के बाद आशा भोसले ने कहा था कि "यह ब्रिटेन की किसी बड़ी यूनिवर्सिटी से मिलने वाली मेरी पहली पीएचडी है. मैं बहुत खुश हूं कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेरे संगीत को पहचान मिली. मुझे उम्मीद है कि इससे दुनियाभर के संगीतकारों को प्रेरणा मिलेगी."
क्या होती है ये उपाधि?
मानद डॉक्टरेट (Honorary Doctorate) एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक सम्मान है. इसे भारत समेत दुनिया की तमाम बड़ी यूनिवर्सिटी उन लोगों को देती हैं, जिन्होंने कला या फिर किसी दूसरे क्षेत्र में अपना खास योगदान दिया हो. ऐसे लोगों को पीएचडी की डिग्री देकर सम्मानित किया जाता है. आशा भोसले को साल्फोर्ड यूनिवर्सिटी के अलावा बाकी कई भारतीय यूनिवर्सिटीज की तरफ से ये उपाधि मिली थी.
साल्फोर्ड यूनिवर्सिटी में भारतीय संस्कृति
ब्रिटेन की इस यूनिवर्सिटी में भारतीय संस्कृति की झलक साफ दिखती है. इस यूनिवर्सिटी में आने वाले विदेशी छात्रों में से लगभग 25% छात्र भारत से हैं. यहां भारतीय छात्रों के लिए एक खास 'इंडियन स्टूडेंट सोसाइटी' भी है. यहां हर साल होने वाले फेस्ट में भारतीय छात्रों को अलग-अलग तरह से अपने देश को याद करते देखा जा सकता है.