12वीं के बाद छात्र जीवन का नया चैप्टर शुरू होता है. अब बच्चे स्कूल से निकलकर कॉलेज या यूनिवर्सिटी में जाते हैं. यहां एडमिशन लेते हैं और भविष्य के सपने लिए पढ़ाई शुरू कर देते है. लेकिन कई बार फर्जी यूनिवर्सिटी और इंस्टीट्यूट्स के मामले सामने आते हैं, इसलिए एडमिशन लेने से पहले कुछ जरूरी बातों की जांच करना बेहद जरूरी है.
ऐसे करें चेक कहीं यूनिवर्सिटी फर्जी तो नहीं
ऐसे मान्यता चेक करें
-भारत में किसी भी यूनिवर्सिटी की वैधता UGC यानी University Grants Commission तय करती है. इसलिए सबसे पहलले UGC की ऑफिशियल वेबसाइट ugc.ac.in पर लॉगइन करें. यहां Recognized Universities की लिस्ट में उस यूनिवर्सिटी का नाम चेक करें जहां आप एडमिशन लेना चाहते हैं.
- अगर इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट या टेक्निकल कोर्स कर रहे हैं, तो AICTE की मान्यता चेक कर लें.
- मेडिकल, लॉ, टीचिंग जैसे कोर्स के लिए संबंधित काउंसिल जैसे NMC, BCI, NCTE की मंजूरी चेक करें.
यूनिवर्सिटी की वेबसाइट जांचें
-यूनिवर्सिटी की वेबसाइट की जरूर जांच कर लें. फर्जी संस्थानों की वेबसाइट संदिग्ध लगती है. अक्सर इनकी वेबसाइट में अधूरी जानकारी दी जाती है.
- ध्यान दें कि वेबसाइट पर किसी भी संस्थान का एड्रेस, फैकल्टी, कोर्स डिटेल्स, फीस स्ट्रक्चर, संपर्क जानकारी साफ-साफ होनी चाहिए.
- संस्थान व कोर्स के बारे में Google रिव्यू पढ़ सकते हैं और वहां रेटिंग भी देख सकते हैं.
इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी
अब आप यूनिवर्सिटी का कैंपस जाकर देखें. वहां लाइब्रेरी, लैब, क्लासरूम, हॉस्टल जैसी सुविधाएं कैसी हैं. केवल ऑनलाइन ही एडमिशन करवा लेना ठीक नहीं है.
प्लेसमेंट रिकॉर्ड को जांच लें
फर्जी कॉलेज बड़े-बड़े प्लेसमेंट के दावे तो करते हैं लेकिन ऐसा होता नहीं है. इसलिए पिछले सालों के प्लेसमेंट डेटा, कंपनियों के नाम और छात्रों के अनुभव को क्रॉस-चेक कर लें.
जल्दबाजी में एडमिशन कभी ना कराएं
अगर कोई यूनिवर्सिटी बिना एंट्रेंस एग्जाम या मेरिट के सीधे एडमिशन दे रही है और जल्दी-जल्दी फीस जमा कराने का दबाव बना रही है, तो सतर्क हो जाएं. यह फर्जी होने का संकेत हो सकता है.