नयी दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2023 पेश कर दिया है. अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने जेलों में बंद ऐसे गरीब व्यक्तियों को आर्थिक सहायता देने का एलान किया है जो जुर्माने की राशि या जमानत भरने की स्थिति में नहीं हैं.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को लोकसभा में बजट भाषण में यह जानकारी दी.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘‘ऐसे कैदी जो गरीब हैं और जुर्माना या जमानत नहीं भर सकते हैं, जिन्हें आर्थिक मदद की जरूरत है, उन्हें यह मदद दी जाएगी.''
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले वर्ष एक कार्यक्रम में कहा था कि विचाराधीन कैदियों से जुड़े ऐसे मामलों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.
इसके साथ ही वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में बुनियादी ढांचा विकास पर पूंजीगत व्यय 33 प्रतिशत बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की घोषणा की गई है. यह सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 3.3 प्रतिशत बैठता है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा कि हाल में स्थापित अवसंरचना वित्त सचिवालय की मदद से और निजी निवेश आकर्षित किया जा सकेगा.
सीतारमण ने कहा, ‘‘पूंजीगत निवेश की रूपरेखा लगातार तीसरे वर्ष उल्लेखनीय रूप से बढ़ाई गई है। इसे 33 प्रतिशत बढ़ाकर 10 लाख करोड़ रुपये किया गया है जो जीडीपी का 3.3 फीसदी होगा।'' उन्होंने कहा कि यह 2019-20 की तुलना में लगभग तीन गुना होगा.
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