भारत में क्यों पॉपुलर है कोरियर फिल्में और वेब सीरीज? क्यों आसानी से है उपलब्ध

भारत में कोरियन फिल्में और वेब सीरीज, जिन्हें के-कंटेंट (कोरियन कंटेंट) कहा जाता है, इन दिनों काफी चर्चा में हैं. के-ड्रामा की रोमांटिक कहानियां, थ्रिलर प्लॉट और हाई-प्रोडक्शन वैल्यू ने दुनियाभर के दर्शकों को आकर्षित किया है.

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भारत में क्यों पॉपुलर है कोरियर फिल्में और वेब सीरीज?

भारत में कोरियन फिल्में और वेब सीरीज, जिन्हें के-कंटेंट (कोरियन कंटेंट) कहा जाता है, इन दिनों काफी चर्चा में हैं. के-ड्रामा की रोमांटिक कहानियां, थ्रिलर प्लॉट और हाई-प्रोडक्शन वैल्यू ने दुनियाभर के दर्शकों को आकर्षित किया है. यह कोरियन कंटेंट नेटफ्लिक्स, एमएक्स प्लेयर और जियो हॉटस्टार पर आसानी से उपलब्ध है, जिससे दर्शक घर बैठे एक्सेस कर सकते हैं. मजेदार यह है कि इसे हिंदी में भी देखा जा सकता है. लेकिन कितनी आसानी से? आइए फैक्ट्स और फिगर्स के साथ देखें. नेटफ्लिक्स भारत में के-कंटेंट का सबसे बड़ा हब है. 

के-कंटेंट की पॉपुलैरिटी

नेटफ्लिक्स के ग्लोबल कैटलॉग में कोरियन की कंटेंट की भरमार है. नीलसन के 2025 मोबाइल OTT रिपोर्ट के मुताबिक, के-कंटेंट की मोबाइल वॉच टाइम में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली. 2024 तक, भारत में के-ड्रामा की पॉपुलैरिटी काफी तेजी से बढ़ी है. वहीं अमेजन के ओटीटी पार्टनर एमएक्स प्लेयर ने साल 2025 में कोरियन एंटरटेनमेंट कंपनी सीजे ईएनएम के साथ पार्टनरशिप की. यह एड-सपोर्टेड मॉडल पर है, जो फ्री एक्सेस देता है, जिससे कम आय वाले दर्शकों तक पहुंच आसान हुई. एमएक्स प्लेयर की लाइब्रेरी में 50 से ज्यादा के-कंटेंट शामिल है.

देखने वालों की बढ़ी संख्या

जियोहॉटस्टार ने भी के-कंटेंट को बढ़ावा दिया. 2025 में, 'मेड इन इंडिया' जैसे शो ग्लोबल टॉप 10 में दूसरे नंबर पर पहुंचे. अर्नस्ट ऐंड यंग की रिपोर्ट 2024 के अनुसार, भारत का ओटीटी मार्केट 99.6 मिलियन सब्सक्राइबर्स तक पहुंचा, जिसमें के-कंटेंट का योगदान बढ़ रहा है. औसत भारतीय OTT यूजर 70 मिनट रोजाना कंटेंट देखता है, जिसमें के-सीरीज का हिस्सा 10-15 फीसदी अनुमानित है. इस से साफ इशारा मिल जाता है कि के ड्रामा की जबरदस्त डिमांड है. इसमें युवाओं की संख्या बहुत ही ज्यादा हैं.

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