90s का वह गोल्डन एरा वापस आ गया है. सोनी एंटरटेनमेंट के 'इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन 5' (India Best Dancer season 5) के स्टेज पर फिर से एक बार डांस की दुनिया के तीन बड़े लेजेंड्स जावेद जाफ़री, नावेद जाफ़री और रवि बहल एक साथ देश के चमकते डांस के सितारों को खोजने के लिए निकल पड़ेगें.
90s के दौर में आसान नहीं था नेशनल टीवी पर आना
आज टीवी पर हर चैनल पर डांस रियलिटी शो की धूम है. लेकिन 90s में सोचिए जरा, उस समय कौन कल्पना कर सकता था कि नेशनल टीवी पर आम लोग आकर करोड़ों के सामने परफॉर्म करेंगे और तालियों की गड़गड़ाहट बटोरेंगे? उस दौर में ये सपना देखना भी असंभव सा लगता था. डांस को सिर्फ फिल्मों और स्टेज तक सीमित माना जाता था. लेकिन फिर एंट्री हुई नावेद जाफ़री की.
एक पन्ने पर लिखा था डांस का भविष्य
बड़े फिल्मी अंदाज में रवि बहल ने इसके पीछे की कहानी को बताया कि एक दिन नवेद ने घर पे आया, बोला कि मेरे पास एक आइडिया है जोिसका कॉनसेप्ट उसने किसी को नही सुनाया था चूंकि हम सभी डांसर हैं, तो मैंने इस शानदार आइडिया के लिए हामी भर दी और बस, दो पेज पे इंडिया बेस्ट डॉनसर के कॉन्सेप्ट को खुद ही लिख दिया.
टेलीविजन पर डांस के लिए नए रास्ते खोल
इसके बाद 'इंडियाज बेस्ट डांसर' के उतार-चढ़ाव से लेकर अपनी पूरी जर्नी तक, जावेद जाफरी ने याद की उन्होंने इसके हर लम्हे को याद करते हुए बताया कि शुरुआत में इंडस्ट्री को इस आईडिया पर यकीन ही नहीं था. सबको लगता था कि टीवी पर डांस चलेगा भी या नहीं. लेकिन सिर्फ 5 मिनट में किस्मत ने पलटा खाया.एक एग्जीक्यूटिव स्क्रीनिंग हुई और प्रोजेक्ट को तुरंत हरी झंडी मिल गई. बस फिर क्या था, उसी एक 'हां' ने टेलीविजन पर डांस के लिए नए रास्ते खोल दिए। वो 5 मिनट थे, जिसने भारतीय टीवी की डायरेक्शन ही बदल दी.
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