बॉलीवुड संगीत की दुनिया में कुछ गाने ऐसे होते हैं जो सिर्फ हिट नहीं होते, बल्कि समय के साथ विरासत बन जाते हैं. ऐसा ही एक सदाबहार गीत है ‘जवानी जानेमन हसीन दिलरुबा', जिसने पीढ़ियों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई हुई है. 1982 में आई सुपरहिट फिल्म नमक हलाल का यह गाना आज भी उतना ही ताजा, मस्त और एनर्जेटिक लगता है, जितना अपनी रिलीज के समय था. इस गाने की सबसे बड़ी ताकत है इसकी धुन और आवाज. आशा भोसले की शरारती, मखमली और दिलकश आवाज ने इस गीत में ऐसी जान डाली कि सुनने वाला खुद को झूमने से रोक नहीं पाता. जैसे ही म्यूजिक बजना शुरू होता है, माहौल अपने आप रंगीन हो जाता है. यही वजह है कि शादी हो, बर्थडे पार्टी, फैमिली फंक्शन या कोई भी सेलिब्रेशन- ये गाना अक्सर प्लेलिस्ट में जरूर शामिल होता है.
परवीन बाबी का एवरग्रीन गाना
स्क्रीन पर परवीन बाबी का ग्लैमरस अंदाज और उनकी कॉन्फिडेंट अदाएं इस गाने को और भी यादगार बनाती हैं. अमिताभ बच्चन की मौजूदगी गाने में स्टार पावर जोड़ती है, जिससे ये सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि पूरा विजुअल एक्सपीरियंस बन जाता है. डिस्को स्टाइल म्यूजिक, तेज बीट्स और स्टाइलिश प्रेजेंटेशन ने उस दौर में भी इसे मॉडर्न फील दिया था, जो आज भी पुराना नहीं लगता.
44 साल बाद भी है हिट
दिलचस्प बात ये है कि 44 साल गुजर जाने के बाद भी यह गीत नई जनरेशन को उतना ही पसंद आता है, जितना पुरानी पीढ़ी को. सोशल मीडिया रील्स से लेकर डीजे मिक्स तक, ‘जवानी जानेमन' हर जगह अपनी मौजूदगी दर्ज कराता रहता है. यही असली पहचान है एक क्लासिक गाने की, जो वक्त से आगे निकलकर हमेशा के लिए दिलों में बस जाए.