द केरल स्टोरी 2 की ये एक्ट्रेस बचपन में थी पापा के हाथ की कठपुतली, 6 साल की उम्र से दे रही ऑडिशन

झांसी की रानी छोटे पर्दे का पॉपुलर शो रहा है. ये शो जी पर करीब दो साल चला और इसके 480 एपिसोड टेलिकास्ट में हुए. छोटी मनु का किरदार उल्का ने तो बड़ी मनु का किरदार कृतिका सेंगर ने निभाया था.

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छोटे पर्दे का भी पॉपुलर चेहरा हैं उल्का गुप्ता
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नई दिल्ली:

द केरल स्टोरी 2 से फिल्मी दुनिया में एंट्री लेने वाली उल्का गुप्ता स्क्रीन के लिए कोई नया चेहरा नहीं हैं. वह एक पॉपुलर चाइल्ड स्टार रही हैं और बड़े पर्दे पर द केरल स्टोरी 2 में भी उनका काम काफी पसंद किया गया. अब जल्द वह भूमिका चावला के साथ एक तेलुगु फिल्म में नजर आने वाली हैं. उल्का ने हाल में अपने करियर के शुरुआती दिनों और परिवार के सपोर्ट के बारे में बात की. उल्का ने बताया कि उनके पिता गगन गुप्ता खुद एक एक्टर हैं. वे महज 15 साल की उम्र में बिहार छोड़कर मुंबई आए थे और एक्टिंग के सपने को पूरा करने के लिए स्ट्रगल किया.

पिता ने दिखाई ग्लैमर इंडस्ट्री की राह

उल्का के पिता घर पर तीनों भाई-बहनों को थिएटर की ट्रेनिंग देते थे. कभी वे कहते कि कोई कविता लिखो और गाकर सुनाओ, तो कभी नेताजी सुभाष चंद्र बोस का डायलॉग बोलकर दिखाओ. मेहमानों के सामने भी बच्चों से एक्टिंग करवाते. उल्का हंसते हुए कहती हैं कि उस समय वे पिता की कठपुतली की तरह बन जाती थीं.

6 साल की उम्र से ऑडिशन दे रहीं उल्का

छह साल की छोटी उम्र से ही उल्का ऑडिशन देना शुरू कर चुकी थीं. उन्होंने जेडी मजेठिया के शो ‘रेशमडंक' से अपना सफर शुरू किया. उस दौर में बाल कलाकारों को ज्यादा काम नहीं मिलता था, इसलिए उन्होंने कई छोटे-मोटे रोल किए. बाद में ‘सात फेरे' में सलोनी की बेटी का किरदार निभाया. इस शो की कहानी ने उन्हें काफी प्रेरित किया, क्योंकि इसमें लीड एक्ट्रेस सांवली दिखाई गई थी और रंगभेद जैसे मुद्दे पर बात की गई थी.

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200-300 लड़कियों के बीच चुनी गईं उल्का गुप्ता

उन्होंने बताया कि ऑडिशन देना उस समय बहुत चैलेंजिंग होता था. कई कोशिशों के बाद उन्हें ‘झांसी की रानी' का रोल मिला, जहां 200-300 लड़कियों में से उन्हें चुन लिया गया. उल्का ने कहा कि माता-पिता ने हमेशा उन्हें जमीन से जुड़े रहने की सीख दी. उन्होंने हिंदी के अलावा तेलुगु, बंगाली और मराठी फिल्मों में भी काम किया है. एक्टिंग के लिए लगाव ही उन्हें अलग-अलग भाषाओं में काम करने के लिए प्रेरित करता है. वे खुद सात भाषाएं बोल लेती हैं.

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