हरियाणा की मिट्टी से निकली धुन, ये सुपरहिट गाना 46 साल बाद भी शादी-ब्याह की शान, जया भादुड़ी-संजीव कुमार ने फूंक दी थी जान

हरियाणा की लोक धुनों से प्रेरित इस गाने का जादू 46 साल बाद भी बरकरार है. जया भादुड़ी और संजीव कुमार पर फिल्माया गया यह गीत आज भी शादी-ब्याह और संगीत समारोहों की शान माना जाता है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
शादी-ब्याह की शान है जया-संजीव का ये गाना

अगर हिंदी सिनेमा के उन गानों की बात हो, जो दशकों बाद भी शादी-ब्याह और पारंपरिक कार्यक्रमों की रौनक बने हुए हैं, तो ‘पल्लू लटके रे म्हारो पल्लू लटके' का नाम जरूर लिया जाएगा. साल 1979 में रिलीज हुई फिल्म ‘नौकर' का यह गीत आज भी उतना ही पसंद किया जाता है, जितना रिलीज के समय था. फिल्म ‘नौकर' में जया भादुड़ी (अब जया बच्चन), संजीव कुमार और महमूद मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे. फिल्म का निर्देशन इस्माइल मेमन ने किया था, जबकि संगीत आर.डी. बर्मन ने दिया था. इस लोक रंग से भरपूर गीत के बोल मशहूर गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे थे. 

किशोर कुमार-आशा भोसले की आवाज ने लगाया चार चांद

‘पल्लू लटके रे म्हारो पल्लू लटके' को किशोर कुमार और आशा भोसले ने अपनी आवाज दी थी. हरियाणवी-राजस्थानी लोक संगीत की झलक लिए यह गीत अपनी देसी धुन, बोल और मस्ती भरे अंदाज की वजह से लोगों की जुबान पर चढ़ गया. यही कारण है कि आज भी शादी, संगीत और पारिवारिक समारोहों में यह गाना अक्सर सुनाई देता है. 

जया भादुड़ी के करियर की अहम फिल्म

‘नौकर' में जया भादुड़ी ने गीता नाम की घरेलू सहायिका का किरदार निभाया था. उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों ने खूब सराहा. इसी फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार भी मिला था. 

फिल्म की कहानी में भी था दिलचस्प मोड़

फिल्म की कहानी एक अमीर विधुर अमर (संजीव कुमार) की है, जो अपनी होने वाली दुल्हन को परखने के लिए अपने नौकर दयाल (महमूद) से पहचान बदल लेता है. इसी दौरान उसकी मुलाकात गीता (जया भादुड़ी) से होती है और कहानी में कई मजेदार और भावुक मोड़ आते हैं. 

Advertisement

गाना देखने के लिए यहां क्लिक करें 

दिलचस्प ट्रिविया

* ‘नौकर' की शूटिंग 1973 में शुरू हुई थी, लेकिन आर्थिक कारणों से फिल्म कई साल तक अटक गई और आखिरकार 1979 में रिलीज हो सकी. 
* फिल्म के रिलीज होने तक जया भादुड़ी फिल्मों से दूरी बना चुकी थीं और दो बच्चों की मां बन चुकी थीं. इसके बावजूद उनकी दमदार वापसी ने उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार दिलाया. 
* आज भी ‘पल्लू लटके रे म्हारो पल्लू लटके' को हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय लोक-आधारित शादी गीतों में गिना जाता है, जो नई पीढ़ी के बीच भी अपनी पहचान बनाए हुए है.

यह भी पढ़ें: 7 साल की उम्र में भरता था इनकम टैक्स, 90s का सबसे पॉपुलर चाइल्ड आर्टिस्ट, 38 की उम्र में दिखने लगा ऐसा

Featured Video Of The Day
PDA का राग अलापने वाली सपा क्यों पंडित पर पहुंची?
Topics mentioned in this article
Sanjeev Kumar
Jaya Bhaduri
Bollywood