वो फिल्म जिसकी टिकट खरीदने के लिए सड़क पर सो जाते थे लोग, लगती थी 5 किलोमीटर की लंबी लाइनें, जानते हैं नाम

पृथ्वीराज कपूर दिलीप कुमार और मधुबाला स्टारर फिल्म मुगल ए आजम के बारे में तमाम किस्से और कहानियां आज भी मशहूर हैं. उनमे से एक है फिल्म की टिकट खरीदने के लिए लोगों की दीवानगी.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
वो फिल्म जिसकी टिकट खरीदने के लिए सड़क पर सो जाते थे लोग

मुगल ए आजम… एक ऐसी फिल्म जिसे आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे कल्ट फिल्मों में से एक गिना जाता है. ये वो फिल्म थी जिसने हिंदी सिनेमा का चेहरा ही बदल दिया और लोगों को मजबूर कर दिया कि वो थिएटर तक इसे देखने आएं. एक ऐसी लव स्टोरी जिसे लोगों ने न पहले कभी देखा था, ना महसूस किया था. के आसिफ के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने लोगों को ऐसा दीवाना बनाया कि इसे देखने के लिए लोग घंटों-घंटों टिकट लाइन में खड़े रहते थे. मुगले आजम सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि सिनेमा का वो एक्सपीरियंस था जिसने प्यार, दर्द और भव्यता की परिभाषा ही बदल दी.

मुगल ए आजम से जुड़े दिलचस्प किस्से

फिल्म की शूटिंग 1944 में शुरू हुई और इसे 1960 में रिलीज किया गया. पूरे 16 साल में बनकर तैयार हुई इस फिल्म ने कई सालों तक बॉक्स ऑफिस पर राज किया. मुगले आजम ने नेशनल अवॉर्ड समेत कई बड़े सम्मान अपने नाम किए. कहा जाता है कि फिल्म को बनाने में पानी की तरह पैसा बहाया गया, जिसकी वजह से निर्देशक के आसिफ आर्थिक तंगी तक पहुंच गए थे. लेकिन जब फिल्म रिलीज हुई, तब जो इतिहास रचा गया, वो आज भी हिंदी सिनेमा के सुनहरे पन्नों में दर्ज है. मुगले आजम से जुड़े ऐसे ही कई किस्से आज भी लोगों के बीच उतनी ही दिलचस्पी से सुने और सुनाए जाते हैं.

ये भी पढ़ें- दिलीप कुमार का बेटा है? कभी सायरा बानो ने कहा था, अगर हमारा बेटा होता तो उनकी तरह दिखता

सड़क पर ही सो जाते थे लोग

मुगले आजम से जुड़े कई फैक्ट्स सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं जिनमें से एक ये भी है कि फिल्म देखने का क्रेज उस वक्त लोगों के सिर पर इस कदर चढ़ा हुआ था कि लोग जल्दी टिकट लेने के लिए थिएटर के बाहर सड़क पर ही सो जाते थे. लोग घर से खाना लेकर आते और सड़क पर सो जाते थे, ताकि उन्हें अगले दिन की टिकट जल्दी मिल सके. आलम ये था कि टिकट विंडो पर 5-5 किलोमीटर की लंबी लाइन लगती थीं.

इंडियन आर्मी के सैनिक भी हुए थे शामिल

कहा जाता है कि फिल्म में सलीम और अकबर के बीच हुई लड़ाई के सीन के लिए 2000 ऊंट, 4000 घोड़े और 8000 सैनिकों का इस्तेमाल किया गया था. इतना ही नहीं इंडियन आर्मी से भी कुछ सैनिक लिए गए थे. फिल्म में भगवान कृष्ण की मूर्ति शुद्ध सोने की बनी थी. आपको बता दें कि मुगले आजम वो पहली फिल्म है जिसे ब्लैक व्हाइट रिलीज करने के कई साल बाद 2004 में डिजिटली कलर्ड रिलीज किया गया.

Featured Video Of The Day
Baramula-Uri Road पर Landslide, फंसे सैकड़ों यात्री, ट्रैफिक हुआ बाधित | Jammu Kashmir
Topics mentioned in this article