साल 2014 में रिलीज हुई शाहिद कपूर की फिल्म 'हैदर' के बारे में आज हम आपको एक ऐसी बात बताने जा रहे हैं, जो आपको शायद ही पता होगी. गौरतलब है कि इस फिल्म को विशाल भारद्वाज ने डायरेक्ट किया था और लीड रोल में शाहिद कपूर थे. आइए जानते हैं फिल्म से जुड़े कुछ जरूरी फैक्ट्स. क्या आपको पता है कि इस फिल्म के लिए शाहिद कपूर और विशाल भारद्वाज ने अपनी फीस नहीं ली थी? IMDb के मुताबिक, फिल्म का विजन बड़ा और बजट लिमिटेड था. अगर दोनों अपनी फीस लेते तो शायद यह फिल्म बन ही नहीं पाती. उन्होंने पैसे से ज्यादा कहानी और सिनेमा को अहमियत दी. अंत में उनकी मेहनत रंग लाई.
विलियम शेक्सपियर के नाटक पर बेस्ड है फिल्म 'हैदर'
यह फिल्म मशहूर अंग्रेज़ी लेखक विलियम शेक्सपियर के नाटक हैमलेट पर बेस्ड है. कहानी में 1990 का कश्मीर दिखाया गया है. फिल्म में शाहिद कपूर हैदर के किरदार में हैं, जो पढ़ाई पूरी कर श्रीनगर लौटता है. उसे पता चलता है कि उसके पिता डॉ. हिलाल मीर गायब हैं और घर को आर्मी ने उड़ा दिया है. घर पहुंचकर उसे एक और बड़ा झटका लगता है, जब वह अपनी मां गजाला को अपने चाचा खुर्रम के साथ देखता है. जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, हैदर को अपने पिता की मौत के पीछे की सच्चाई पता चलती है.
कश्मीर के लोगों की तकलीफ को दिखाती है फिल्म 'हैदर'
‘हैदर' सिर्फ एक रिवेंज ड्रामा नहीं है. यह फिल्म कश्मीर के आम लोगों की तकलीफ और पॉलिटिक्स के असर को भी दिखाती है. फिल्म में श्रद्धा कपूर, कुलभूषण खरबंदा, आमिर बशीर और नरेंद्र झा जैसे कलाकार नजर आए. साथ ही इरफान खान का कैमियो भी चर्चा में रहा.
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शाहिद कपूर का नया लुक
इस फिल्म ने शाहिद कपूर की “चॉकलेट बॉय” इमेज पूरी तरह से बदल दिया. फिल्म का सिर मुंडवाने वाला सीन और “हम हैं कि हम नहीं” जैसे डायलॉग आज भी लोगों को याद हैं. इस रोल के बाद शाहिद को एक सीरियस एक्टर के रूप में देखा जाने लगा. आपको बता दें कि ‘हैदर' ने कुल 35 अवॉर्ड जीते, जिनमें पांच नेशनल अवॉर्ड शामिल हैं. IMDb पर इस फिल्म को 10 में से 8 की रेटिंग मिली है.