पृथ्वीराज कपूर के सबसे छोटे बेटे शशि कपूर सिर्फ एक शानदार अभिनेता ही नहीं, बल्कि सिनेमा के सबसे रोमांटिक सितारों में से एक थे. 70 और 80 के दशक में उनकी मुस्कान और मासूमियत ने लाखों दिल जीते. लेकिन परदे पर प्यार की मिसाल बनने वाले शशि कपूर की असली जिंदगी की प्रेम कहानी बेहद दर्दनाक रही. विदेशी एक्ट्रेस जेनिफर केंडल के साथ उनका प्यार जितना खूबसूरत था, उतना ही ट्रेजेडी से भरा भी रहा. ये कहानी है उस प्यार की, जिसने शशि कपूर को बनाया भी और तोड़ा भी. वैलेंटाइन के मौके पर ट्रेजिक ही सही लेकिन इस लवस्टोरी को याद करना भी जरूरी है. जो मुकम्मल होकर भी अधूरी ही रह गई.
जब थिएटर में हुआ प्यार, और शादी में बदली कहानी
शशि कपूर की मुलाकात जेनिफर केंडल से पृथ्वी थिएटर में हुई थी. जहां वो अपने पिता पृथ्वीराज कपूर के साथ काम कर रहे थे. जेनिफर भी एक अंग्रेज थिएटर आर्टिस्ट थीं और दोनों की दोस्ती जल्द ही प्यार में बदल गई. साल 1958 में दोनों ने शादी कर ली. ये शादी उस दौर में खास थी. जब विदेशी लड़की से मैरिज कर पाना आसान नहीं था. लेकिन शशि और जेनिफर ने समाज की परवाह किए बिना एक दूसरे को चुना. उनके तीन बच्चे हुए, कुणाल, करण और संजना. जेनिफर सिर्फ वाइफ ही नहीं. बल्कि शशि कपूर की सबसे बड़ी ताकत और सहारा थीं.
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जेनिफर की बीमारी और शशि कपूर का टूट जाना
साल 1982 में जेनिफर केंडल को कोलन कैंसर का पता चला. शुरुआत में इलाज से उम्मीद जगी, लेकिन बीमारी काफी फैल चुकी थी. 1984 में जेनिफर का निधन हो गया और यहीं से शशि कपूर की जिंदगी बदल गई. जेनिफर की मौत ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया. कहा जाता है कि समुद्र के बीच नाव में बैठकर शशि कपूर पहली बार फूट फूटकर रोए थे. इसके बाद वो कभी पहले जैसे नहीं रहे. काम तो करते रहे, लेकिन शराब, खराब सेहत और अकेलेपन ने उन्हें घेर लिया. जेनिफर उनके जीवन की धुरी थीं. और, उनके जाने के बाद शशि कपूर जैसे एमलेस हो गए.
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