अगर आपको लगता है कि सिर्फ हल्की फुल्की और एंटरटेनिंग कहानियां दर्शकों का दिल नहीं जीत सकती हैं. तो एक ऐसी वेब सीरीज इस सोच को पूरी तरह बदल देती है. इसमें न रोमांटिक ट्रैक है, न कॉमेडी का तड़का और न ही हंसाने वाले किरदार. इसके बावजूद ये दर्शकों को शुरुआत से आखिर तक स्क्रीन से बांधे रखती है. हर एपिसोड के अंत में ऐसा मोड़ आता है कि अगला एपिसोड तुरंत देखने का मन करता है. यही वजह है कि सालों बाद भी इसकी पॉपुलैरिटी कम नहीं हुई. आईएमडीबी की रेटिंग भी इस ओर इशारा करती है कि ये ग्रिपिंग और थ्रिलिंग स्टोरी पंचायत जैसे शो पर भारी पड़ रही है.
सस्पेंस और दमदार कहानी से जीता दिल
हम बात कर रहे हैं 'स्कैम 1992: द हर्षद मेहता स्टोरी' की. हंसल मेहता के निर्देशन में बनी ये वेब सीरीज भारत के सबसे चर्चित शेयर बाजार घोटालों में से एक पर बेस्ड है. इसमें दिखाया गया है कि कैसे स्टॉक ब्रोकर हर्षद मेहता ने अपनी चालाकी और तेज दिमाग के दम पर शेयर बाजार में बड़ी पहचान बनाई. फिर देखते ही देखते उसी कहानी ने ऐसा मोड़ लिया जिसने पूरे देश को हिला दिया.
सीरीज की सबसे बड़ी खासियत इसकी मजबूत स्क्रीनप्ले और सस्पेंस से भरी कहानी है. हर एपिसोड में नए खुलासे होते हैं. जिससे दर्शकों की दिलचस्पी लगातार बनी रहती है. प्रतीक गांधी ने हर्षद मेहता के किरदार को इतने प्रभावशाली अंदाज में निभाया कि ये रोल उनके करियर का सबसे यादगार रोल बन गया. 'स्कैम 1992: द हर्षद मेहता स्टोरी' की आईएमडीबी पर 9.2/10 रेटिंग है.
'पंचायत' भी है फैंस की पसंद, लेकिन रेटिंग में पीछे
दूसरी ओर 'पंचायत' भी भारत की सबसे पसंदीदा वेब सीरीज में शामिल है. ये एक कॉमेडी-ड्रामा है, जिसमें इंजीनियरिंग ग्रेजुएट अभिषेक की कहानी दिखाई गई है. बेहतर नौकरी न मिलने पर वो उत्तर प्रदेश के एक दूरदराज गांव की पंचायत में सचिव बनकर काम शुरू करता है. गांव की छोटी-छोटी घटनाएं, रिश्ते, भावनाएं और हल्का-फुल्का हास्य इस सीरीज को बेहद खास बनाते हैं. 'पंचायत' को IMDB पर 9.0/10 की शानदार रेटिंग मिली है., जो किसी भी सीरीज के लिए बड़ी उपलब्धि है. हालांकि रेटिंग के मामले में 'स्कैम 1992' उससे थोड़ा आगे निकल जाती है. और बताती है कि ठोस मुद्दों को दर्शक एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म पर भी नजरअंदाज नहीं करते हैं.