मल्टीप्लेक्स के जमाने में अब सिनेमाघरों में किसी फिल्म की टिकट खरीदना काफी आसान हो गया है, लेकिन एक जमाना ऐसा भी था जब किसी फिल्म की टिकट हफ्ते-दस दिन तक मिलती नहीं थी. सिनेमाघरों में हर वक्त दर्शकों को मेला देखने को मिलता था. ऐसा ही एक किस्सा एक फिल्म से जुड़ा हुआ है जो करीब 15 दिनों तक सिनेमाघरों में हाउसफुल रही थी, लोगों को फिल्म के टिकट मिलने मुश्किल हो गए थे. अस्सी के दशक में ऐसी ही एक फिल्म रिलीज हुई थी, जिसमें उस समय के तीन दिग्गज सुपरस्टार एक साथ नजर आए थे. इन तीनों की जबरदस्त स्टार पावर ने उस फिल्म को बेहद यादगार और सफल बना दिया था.
कौन सी है फिल्म
1988 में रिलीज हुई फिल्म 'जीते हैं शान से' आज भी बॉलीवुड की यादगार मल्टी-स्टारर फिल्मों में गिनी जाती है. इस फिल्म में तीन बड़े सुपरस्टार संजय दत्त, गोविंदा और मिथुन चक्रवर्ती पहली बार साथ नजर आए थे. इनके अलावा मंदाकिनी, विजेता पंडित और डैनी डेंजोंगपा भी मुख्य भूमिकाओं में थे.
क्या थी फिल्म की कहानी
फिल्म की कहानी तीन जिगरी दोस्तों की है. ये दोस्त गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करते हैं. लेकिन कुछ गलतफहमियों और बदमाशों की साजिश की वजह से उनके बीच अनबन हो जाती है. आखिर में दोस्ती और न्याय की जीत होती है. फिल्म में एक्शन, ड्रामा, इमोशन और गाने सब कुछ था. आज भी गाना 'जुली जुली जुली... जॉनी का दिल तुम पर आया जुली' लोगों को बहुत पसंद है.
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फिल्म का कलेक्शन
फिल्म का बजट सिर्फ 2 करोड़ रुपये था, लेकिन इसने बॉक्स ऑफिस पर 8 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली. रिलीज के समय यह सुपर-डुपर हिट साबित हुई. खासकर मुंबई के बड़े सिनेमाघरों में 15 दिनों तक हाउसफुल चलती रही. टिकट मिलना मुश्किल हो जाता था. लोग लंबी कतारों में लगते थे और 'हाउसफुल' बोर्ड लगे रहते थे.
उस दौर में मल्टीप्लेक्स या ओटीटी प्लेटफॉर्म नहीं थे. सिनेमाहॉल ही मनोरंजन का सबसे बड़ा जरिया थे. तीन बड़े सितारों का कॉम्बिनेशन दर्शकों को थिएटर खींच लाया. फिल्म को देखने के लिए लोग बार-बार टिकट काटते थे. प्रोड्यूसर्स ने इस फिल्म से अच्छी-खासी कमाई की.